झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रविवार को असम के तीनसुकिया में आयोजित आदिवासी महासभा में शामिल हुए. इस सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने असम के आदिवासियों के हित और अधिकार के संघर्ष में साथ देने का भरोसा दिलाया.
उन्होंने कहा कि आदिवासियों के हितैषी बनने वाले लोग आदिवासियों को ही हाशिए पर रखने के लिए उतारू हैं. वे जानते हैं कि आदिवासी समाज अगर आर्थिक और बौद्धिक रूप से मजबूत हो गया तो वे अपनी हक-अधिकार, जल-जंगल-जमीन की बात करेंगे.
हेमंत सोरेन ने इशारों में हिमंता बिस्वा सरमा सरकार पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि असम में सत्ता पर काबिज लोगों ने फूट डालो राज करो की नीति के चलते यहां आदिवासी, एसटी, टी ट्राइब्स, आदि कर आपको बांट रखा है. अब आपके यहां भी चुनाव आने वाले हैं, सभी को एकजुट रहना होगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में रहते हुए हमारे यहां के आदिवासी अपना हक-अधिकार, अपनी मान्यता के लिए संघर्षशील हैं. जरूरत पड़ने पर आसाम में रहने वाले आदिवासियों की मदद करने के लिए पूरा झारखंड का आदिवासी समाज आगे आकर खड़ा होगा.
“21वीं आदिवासी महासभा-2026” में हेमंत सोरेन ने कहा, “आदिवासी समुदाय की एकजुटता ही हमारी पहचान है. पहले दुनिया हमारी एकजुटता का लोहा मानती थी. लेकिन पिछले कुछ समय से बौद्धिक और आर्थिक रूप से समृद्ध लोगों ने हमारी एकजुटता पर प्रहार करने का काम किया है.”
हेमंत सोरेन ने कहा, “आप सभी आदिवासी समुदाय के लोग जो लगभग डेढ़ सौ वर्षों से यहां रह रहे हैं. आपसे रू-ब-रू होने का आज मुझे मौका मिल रहा है. झारखंड के वैसे सभी आदिवासी-मूलवासी समुदाय के जनमानस जो असम में रह कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं उनकी तकलीफों, उनपर हो रहे अत्याचारों और व्यथा को सुनने के लिए हम आज यहां आए हैं.”
सोरेन ने कहा, “आज हमारा समाज कितना संघर्ष कर रहा है यह बहुत बेहतर तरीके से आप सभी लोग जानते हैं. सामाजिक, आर्थिक और बौद्धिक रूप से आदिवासी समुदाय कमजोर है और इसी कमजोरी का फायदा बड़े एवं सामंती विचारधारा वाले लोग बहुत चालाकी से उठाते हैं.”
हेमंत सोरेन ने झारखंड सरकार के कार्यों तथा आदिवासी हितों में उठाये जा रहे कदमों की भी चर्चा की. उन्होंने शिबू सोरेन के संघर्ष और आंदोलन को बी बताया. मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार विश्व आर्थिक मंच (वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम) के वार्षिक सम्मेलन में एक आदिवासी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में झारखंड ने अपनी ऐतिहासिक उपस्थिति दर्ज किया है.
इस महासभा में झारखंड सरकार के आदिवासी कल्याण मंत्री चमरा लिंडा, जेएमएम के सांसद विजय हांसदा, विधायक मो० ताजुद्दीन उर्फ एमटी राजा, ASSAA सेंट्रल कमेटी के अध्यक्ष रेजन होरो, उपाध्यक्ष डेविड तिर्की , अमरजीत केरकेट्टा, अल्बर्ट ओरिया सहित अन्य सदस्यगण, असम के दूरदराज इलाके से पहुंचे आदिवासी समुदाय के लोग उपस्थित थे.
