दुमकाः झारखंड में दुमका जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के डुमरसोल गांव में एक युवक ने आदिवासी विधवा को पीट- पीट कर मार डाला.
पुलिस ने आरोपी मुंशी टुडू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. यह घटना सोमवार देर शाम की है. मुंशी टुडू की कोई संतान नहीं थी. उसे शक था कि उसके पिता नहीं बन पाने की वजह विधवा महिला पक्कू हेंब्रम है, जो टोटका करती है.
थाना प्रभारी लॉरेंसिया केरकेट्टा ने बताया है कि डायन के शक में मुंशी ने वृद्धा की हत्या कर दी. हत्या में प्रयुक्त डंडा को भी बरामद कर लिया गया है.
मृतका की बेटी मकलू हांसदा के बयान पर मामला दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया गया है.
संतान नहीं होने पर शक
पुलिस को उसने बताया है कि विधवा पक्कू हेंब्रम उसे हर बात में टोका करती थी.
शादी के तीन साल बाद भी जब मुंशी पिता नहीं बन सका, तो उसकी पत्नी उसे छोड़ कर चली गई. पिछले साल उसके पिता की भी मौत हो गई. इसके लिए वह विधवा महिला को दोषी मानता था.
मुंशी के मन में यह घर करने लगा कि उसके घर से निकलते ही टोका-टोकी के चलते उसका कोई भी काम बिगड़ जाता था. कई बार मना करने के बाद भी महिला ने टोका-टाकी बंद नहीं की.
ऐसे में उसने सोमवार की शाम तय कर लिया कि महिला को जान से मार देना है. उसने किसी बहाने से महिला को घर में बुलाया और लकड़ी के डंडे से पीट-पीट कर मार डाला.
गोड्डा की घटना
गौरतलब है कि पिछले महीने गोड्डा में जादू-टोना के नाम पर एक आदिवासी परिवार के पति-पत्नी और 12 साल के बेटे की निर्मम हत्या की घटना सामने आई थी.
यह घटना गोड्डा जिले के देवटांड़ थाना क्षेत्र के डांगा टोली में हुई, जहांहमलावरों ने घर में घुसकर धारधार हथियार से डायन-बिसाही के शक में तीन लोगों को मार डाला.
उससे पहले पलामू जिले के पांकी थाना अंतर्गत कुसड़ी गांव में एक ही परिवार के तीन लोगों की ओझा-गुनी के शक में हत्या कर दी गई थी.
