ट्रेजरी घोटाले के जद में कोल्हान प्रमंडल का पश्चिम सिंहभूम भी शामिल हो गया है. चाईबासा ट्रेजरी से पुलिस महकमा के खाते से कथित तौर पर लाखों की अवैध निकासी के मामलें एक सिपाही समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
इस बाबर मुफस्सिल थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. मुख्य आरोपी सिपाही देव नारायण मुर्मू पुलिस के लेखा शाखा में कार्यरत है.
चाईबासा के एसपी अमित रेणु ने सिपाही समेत चार लोगों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि जांच जारी है. और इसे लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं.
अन्य तीन लोग अवैध निकासी में सिपाही के सहयोगी रहे हैं, जिनमें गोराचंद मरांडी, अरूण कुमार मार्डी, और सरदार हेंब्रम शामिल हैं.
गोराचंद मरांडी और सरदार हेंब्रम सिपाही देव नारायण के दोस्त औकक अरूण कुमार मार्डी बहनोई है. सिपाही इन लोगों के खाते में भी गबन के पैसे ट्रांसफर करता था.
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपियों ने फर्जी बिल, नकली दस्तावेज और जाली हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर 26 लाख रुपये की निकासी की है.
सिपाही देव नारायण मुर्मू ने राशि का कुछ हिस्सा अपने परिजनों के बैंक खातों में भी ट्रांसफर किया.
नियमित ऑडिट के दौरान खातों के मिलान में अनियमितता सामने आई, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ. इसकी सूचना उपायुक्त और एसपी को दी गई है, जिसके बाद विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की गई.
बोकारो में होम गार्ड धराया
उधर बोकारो ट्रेजरी घोटाले में होम गार्ड के एक जवान सतीश कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया है. इससे पहले वहां पुलिस विभाग के एकलेखापाल को गिरफ्तार किया गया था.
गौरतलब है कि बोकारो और हजारीबाग में हुए घोटाले की जांच सीआईडी कर रही है. सीआईडी ने पुलिस में दर्ज केस को टेकअप किया है.
झारखंड में ट्रेजरी घोटाले की जांच जैसे- जैसे आगे बढ़ रही है, कई परतें खुलती दिख रही हैं. और घोटाले में सिर्फ छोटे कर्मचारी, सिपाही नही बड़े अफसरों तथा कई डीडीओ की भूमिका भी संदिग्ध प्रतीत होने लगी है.
