रांचीः झारखंड प्रदेश बीजेपी के प्रवक्ता अजय साह ने स्वास्थ्य विभाग में टेंडर घोटाले का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि स्वास्थ्य मंत्री के कथित संरक्षण में ही नियमों की अनदेखी कर जिलों के सिविल सार्जन एक ही परिवार की कंपनियों को टेंडर का फायदा पहुंचा रहे हैं.
अजय साह ने बताया कि रांची, दुमका, जामताड़ा, सरायकेला, बोकारो और देवघर जैसे जिलों में स्वास्थ्य विभाग के पिछले एक साल में जारी 11 में से सभी टेंडर रांची के एक ही परिवार की कंपनियों को अलॉट कर दिए हैं.
उन्होंने दावा कि इस परिवार ने तीन अलग-अलग कंपनियाँ—हिन्द इंफ्राटेक, भारत सप्लायर्स और ग्लोबल सप्लायर्स—एक ही पते पर रजिस्टर्ड कराई और सभी टेंडर इन्हीं के नाम कर दिए गए. चौंकाने वाली बात यह है कि इन तीन में से दो कंपनियों में एक ही व्यक्ति डायरेक्टर के रूप में दर्ज है.
अजय साह ने कहा कि जेम पोर्टल के क्लॉज़ 29 के तहत यदि कोई व्यक्ति अलग-अलग कंपनियाँ बनाकर टेंडर भरता है तो उसकी सभी कंपनियाँ तकनीकी रूप से अयोग्य घोषित कर दी जानी चाहिए. उनकी बिड भी रद्द हो जानी चाहिए. लेकिन यहां ठीक इसके उलट हुआ. इन कंपनियों को न सिर्फ योग्य घोषित किया गया बल्कि वर्क ऑर्डर देकर भुगतान तक कर दिया गया. यह कोई संयोग नहीं बल्कि एक सुनियोजित लूट है.
भाजपा ने सरकार से मांग की कि इन टेंडरों को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए और मामले की उच्चस्तरीय स्वतंत्र जांच कराई जाए. यह भी जांच हो कि क्यों और कैसे एक ही परिवार की कंपनियों को 11 जिलों के 11 टेंडर दिए गए.
प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि यह मामला सिर्फ वित्तीय भ्रष्टाचार का नहीं बल्कि समुदाय विशेष को लेकर पक्षपात का भी है.
