रांची: झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सोमवार को प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू होते ही भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों ने राज्य में ओबीसी छात्रों को छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं होने और धान खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तय नहीं होने के मामले मे हंगामा किया.
इससे पहले विधानसभा के बाहर भी विपक्षी दलों के सदस्यों ने सरकार के खिलाफ इन सवालों को लेकर नारेबाजी की.
11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के कई सदस्य वेल में घुस आए. इसके बाद विपक्ष के शोर के खिलाफ पक्ष के भी कई विधायक वेल में चले आए. शोरगुल बढ़ता देख स्पीकर ने 12 बजे तक के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी.
विपक्ष के हंगामे पर संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि चलते सत्र में इन मामलों पर चर्चा की जा सकती है. फिर भी विपक्ष हमलावर रहा.
गौरतलब है कि राज्य में अब तक सरकारी स्तर पर धान की खरीद शुरू नहीं हुई है. जबकि 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान सत्तारूढ़ दलों ने धान की खरीद का दर बढ़ाकर 3200 क्विंटल करने का वादा किया था. वहीं राज्य में ओबीसी छात्रों को लंबे समय से छात्रवृत्ति नहीं मिलने का मुद्दा गरमाया हुआ है. कई छात्र संगठन लगातार आंदोलन कर रहे हैं. विपक्ष ने इन दोनों मुद्दे को सदन में उछालते हुए सरकार को घेरने की कोशिश की.
12 बजे के बाद
दिन 12 बजे दोबारा सदन की कार्यवाही शुरू हुई. शून्यकाल में भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने छात्र-छात्राओं को छात्रवृति नहीं मिलने और किसानों की धान खरीद का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि कई महीनों से छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिल रही है. वे फीस जमा करने के लिए होटल में प्लेट धोने का काम कर रहे हैं. इस पर सदन में चर्चा होनी चाहिए.
धान खरीद के सवाल पर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि किसान धान काटकर घर ले आए हैं और मजबूरन उन्हें बिचौलियों को 15-16 सौ रुपये क्विंटल बेचना पड़ रहा है. सबसे पहले इस पर चर्चा की जानी चाहिए.
अनुपूरक बजट पेश
सोमवार को ही सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने 7721.25 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया इसके बाद स्पीकर रवींद्र नाथ महतो ने सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी.
