कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के सहयोगियों के खिलाफ लगातार पुलिस की कार्रवाई के बीच एक कथित वीडियो ने राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारे में हलचल पैदा कर दी है.
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने प्रिंस खान के कथित वीडियो को एक्स पर साझा करते हुए मुख्यमंत्री से पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.
इसके साथ ही उन्होंने धनबाद एसएसपी प्रभात कुमार को तत्काल प्रभाव से हटाने और माइनिंग माफिया, भूमि कब्जा व प्रशासनिक संरक्षण से जुड़े आरोपों की न्यायिक निगरानी में जांच कराने की मांग उठाई.
मरांडी ने लिखा है, “झारखंड के लोकतांत्रिक इतिहास में आज एक बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति सामने आई है, जहाँ कानून की रक्षा करने वाली व्यवस्था स्वयं गंभीर सवालों के घेरे में खड़ी दिखाई दे रही है. धनबाद क्षेत्र के एक कुख्यात अपराधी द्वारा कथित रूप से विदेश से जारी वीडियो ने प्रशासनिक तंत्र और माफिया गठजोड़ को लेकर कई गंभीर आरोपों को सार्वजनिक बहस का विषय बना दिया है. यह मामला केवल एक व्यक्ति के बयान तक सीमित नहीं, बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक विश्वसनीयता पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है.”
उन्होंने कहा कि यदि इन आरोपों में तनिक भी सच्चाई है, तो यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गहरा संकट है.
मरांडी ने कहा, “झारखंड की जनता यह देख रही है कि सरकार कानून के शासन के साथ खड़ी है या माफिया तंत्र के दबाव में काम कर रही है। लोकतंत्र में सत्ता की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता का विश्वास बनाए रखना है। अब निर्णय सरकार के हाथ में है न्याय और पारदर्शिता का रास्ता चुना जाएगा या फिर आरोपों और अविश्वास के इस माहौल को और गहरा होने दिया जाएगा.”
प्रिंस के नाम पर रंगदारी मांगने वाले गिरफ्तार
इधर धनबाद पुलिस ने बरवाअड्डा थाना क्षेत्र में प्रिंस खान उर्फ छोटे सरकार के नाम का भय दिखाकर एक करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग करने के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इसकी पुष्टि सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव ने की है.
सिटी एसपी ने बताया कि 6 मई 2026 को व्यवसायी गुलाम अंसारी ने बरवाअड्डा थाना में शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने आवेदन में उल्लेख किया था कि अज्ञात अपराधियों द्वारा फोन कर जान से मारने की धमकी दी जा रही है और एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी जा रही है. शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मामले की जांच शुरू की गई.
तकनीकी अनुसंधान, मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की पहचान की. इसके बाद वरीय अधिकारियों के निर्देश पर विशेष छापेमारी टीम गठित की गई. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने देवानंद सिंह उर्फ चंदन सिंह, बालक कुमार दास, मो. नासिर अंसारी उर्फ जयकांत सिकरे और सुरेंद्र कुमार महतो उर्फ गोलक को गिरफ्तार कर लिया.
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे प्रिंस खान उर्फ छोटे सरकार का नाम लेकर लोगों में दहशत पैदा करते थे. पुलिस के अनुसार आरोपियों ने गुलाम अंसारी के अलावा धनबाद के असर्फी अस्पताल संचालक से भी रंगदारी मांगने की बात स्वीकार की है.
