रांचीः झारखंड पुलिस मुख्यालय में बुधवार को गृह सचिव वंदना दादेल और राज्य की पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा ने डीजी-आईजी कांफ्रेंस 2025 को लेकर राज्य स्तरीय समीक्षा की. इस दौरान गृह सचिव और डीजीपी ने पुलिस अधिकारियों को कई अहम दिशा निर्देश दिए.
राज्य के सभी पुलिस अधीक्षक को गिरफ्तारी केंद्रित पुलिसिंग की बजाय दोषसिद्धि पर ध्यान रखने का निर्देश दिए हैं. साथ ही सभी एसपी सुनिश्चित करेंगे कि DGsP/IGsP कॉन्फ्रेंस 2025 के हर बिंदु का थाना स्तर तक सख्ती से पालन हो. नए आपराधिक कानून (न्याय संहिता) का सौ प्रतिशत अनुपालन नए कानूनों का पूर्ण रूप से कार्यान्वयन सुनिश्चित किए जाएं.
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी रिलीज में बताया गया है कि DGsP/IGsP कॉन्फ्रेंस 2025 के मद्देनजर आयोजित इस डी-ब्रीफिंग बैठक में नए आपराधिक कानूनों के अनुपालन से लेकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कल्याण कार्यों तक कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई.
इस बैठक में राज्य के वरीय पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया. बैठक में गृह सचिव वंदना दादेल और डीजीपी तदाशा मिश्रा ने संयुक्त रूप से सभी पुलिस अधीक्षकों को बताया कि डीजी-आईजी कांफ्रेंस में जिन निर्देशों के पालन की रूपरेखा तैयार की गई थी, उनका अनुपालन सुनिश्चित करना जरूरी है.
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डीजीपी-आईजीपी सम्मेलन का आयोजन किया गया था. सम्मेलन में देश की अंतरिम सुरक्षा चुनौतियों को हल करने के लिए कई तरह के सुझाव और निर्देश जारी किए गए थे.
बुधवार को आयोजित कांफ्रेंस में दिए गए निर्देशों का अनुपालन झारखंड में किस तरह से हो रहा है, उसे लेकर बुधवार को गृह सचिव और डीजी ने बिंदुवार समीक्षा की और अहम निर्देश दिए.
बैठक के प्रमुख बिंदु और निर्देश
- बीट पुलिसिंग और सामुदायिक सहभागिता पर जोर.
- सभी एसपी बीट पुलिसिंग को मजबूत बनाने और जनता की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दें.
- सभी क्षेत्रीय, जिला और थाना स्तर पर सम्मेलन आयोजित किए जाएं, ताकि नवीनतम परिणाम प्राप्त हो सके.
- नक्सल प्रभावित जिलों में कल्याण, युवा सहभागिता, खेल और सांस्कृतिक पर ध्यान केंद्रित करना सुनिश्चित करें.
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यमों से पुलिस के अच्छे कार्यों का अनिवार्य रूप से प्रचार-प्रसार करना सुनिश्चित करें.
- खुफिया जानकारी जुटाने और जांच के लिए NATGRID, NAFIS, CCTNS, ई-कोर्ट और Al-enabled analytics का प्रभावी उपयोग करना सुनिश्चित करें.
- बीट पुलिसिंग, सामुदायिक पुलिसिंग को प्रभावी रूप से मजबूत करते हुए ध्यान केंद्रित करना सुनिश्चित करें.
- मादक पदार्थों के नेटवर्क, साइबर धोखाधड़ी और सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर आम जनता को जागरूक करते हेतु प्रचार-प्रसार करना सुनिश्चित करें.
- भारत सरकार के द्वारा निर्दिष्ट I-Got पोर्टल पर सभी अनुसंधानकर्ता के प्रशिक्षण की प्रगति का आकलन करते हुए प्रशिक्षण प्राप्त करना सुनिश्चित करें.
- टूरिस्ट पॉलिसी के अंतर्गत पर्यटक और पुलिस के बीच आपसी समन्वय स्थापित कर उनकी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.
- सभी अनुसंधानकर्ता ई-साक्ष्य ऐप का शत प्रतिशत अनुपालन करना सुनिश्चित करें.
- अफीम की खेती को लेकर एंटी ड्रग्स स्ट्रैटजी की रूपरेखा तैयार कर आम जनता को अफीम के दुष्प्रभाव को लेकर व्यापक रूप से जागरूक करने हेतु अभियान चलाया जाए.
- पोक्सो एक्ट के अंतर्गत दर्ज कांडों के क्रियान्वयन की अद्यतन स्थिति.
- अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत दर्ज कांडों के क्रियान्वयन की अद्यतन स्थिति.
- उग्रवादियों के आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति का शत प्रतिशत क्रियान्वयन की अद्यतन स्थिति.
- महिला सुरक्षा से संबंधित सभी प्रकार के अपराध के मद्देनजर सभी प्रकार की वांछित कार्रवाई सुनिश्चित हो.
