रांचीः झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में धरना, प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बुधवार को सदर एसडीओ कुमार रजत छात्रों के बीच पहुंचे और सरकार का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से वार्ता करने के लिए तैयार है, ताकि उनकी मांगों और समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की जा सके.
छात्रों से बातचीत करने एसडीओ के साथ एडीएल लॉ एंड आर्डर भी मौजूद थे.
सरकार के प्रस्ताव पर छात्रों ने भी बातचीत के लिए अपनी सहमति जताई, लेकिन इसके साथ एक स्पष्ट शर्त रख दी. आंदोलनरत छात्रों ने कहा कि वे बंद कमरे में बातचीत नहीं करेंगे. उनका कहना है कि सरकार के साथ होने वाली वार्ता सार्वजनिक होनी चाहिए और मीडिया की मौजूदगी में होनी चाहिए, ताकि बातचीत पूरी तरह पारदर्शी रहे. छात्रों का कहना है कि उनकी मांगें पूरे राज्य के युवाओं से जुड़ी हैं, इसलिए बातचीत भी खुले मंच पर होनी चाहिए.
जानकारी के मुताबिक छात्रों ने कहा कि सरकार के प्रस्ताव पर वे आपस में विचार-विमर्श करेंगे. फिलहाल आंदोलन स्थल पर छात्रों की बैठकें जारी है और विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जा रही है.
फिर सीएम की प्रतिक्रिया सामने आई
इस बीच विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत में हेमंत सोरेन ने इस मुद्दे पर अपनी बातें कही. उन्होंने कहा, “मेरे युवा साथियों की चिंताएं हमारे लिए अत्यंत गंभीर विषय हैं. पेपर लीक क विषय केवल झारखंड का नहीं है, बल्कि देश के अनेक राज्यों के युवाओं के सामने राष्ट्रीय समस्या बन चुकी है.”
हेमंत सोरेन ने आगे कहा, “हमारी सरकार इस मामले पर पूरी गंभीरता के साथ काम कर रही है. संबधित एजेंसियां दिन- रात जांच कर रही हैं. और दोषियों को जेल भी भेजा जा रहा है. हमारा उद्देश्य केवल जांच करना नहीं, बल्कि युवा साथियों के लिए ठोस समाधान भी देना है. झारखंड सरकार का दरवाजा हमेशा सभी के लिए खुले रहते हैं. जिन छात्रों अथवा अभ्यर्थियों की कोई भी माग या सुझाव है, वे अपनी बात सरकार के समक्ष रख सकते हैं. उनकी हर बात को पूरी गंभीरता से सुनी जाएगी.”
