रांची: झारखंड हाइकोर्ट के न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने रांची शहर में सड़क दुर्घटना से जुड़े एक मामले में दोनों तरफ से दर्ज प्राथमिकी पर जांच पर रोक लगा दी है.
अदिवक्ता मनोज टंडन की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अंतरिम आदेश पारित किया .
साथ ही कोर्ट ने प्रार्थी मनोज टंडन के खिलाफ किसी भी किस्म की पीड़क या जबरन कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया है.
इससे पहले प्रार्थी ने क्रमिनिल रिट याचिका दायर कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए इसे सीबीआइ को सौंपने की अपील की.
डोरंडा थाना क्षेत्र में कार-बाइक दुर्घटना के मामले में अधिवक्ता मनोज टंडन के खिलाफ किसी भी तरह की जांच पर रोक लगा दी है.
प्रार्थी अधिवक्ता मनोज टंडन की ओर से अदालत को बताया गया कि 17 फरवरी 2026 को हाईकोर्ट आते समय उनकी कार से बाइक की हल्की टक्कर हुई, जिसके बाद उन्हें सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक डोरंडा थाना में रखा गया और बिना जब्ती सूची के उनकी गाड़ी जब्त कर ली गई है.
याचिका में एक ही घटना पर दो अलग जांच अधिकारियों द्वारा जांच कराने और मीडिया ट्रायल का भी आरोप लगाया गया है. दलील दी गई कि पुलिस मामले की जांच पक्षपात तरीके से कर रही है. यह भी आरोप लगाया गया है कि रांची में एक गिरोह है, जो जानबूझकर कारों को टक्कर मारकर वसूली करता है.
