हजारीबागः झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता योगेंद्र साव के एक घर को भारी सुरक्षा बलों की मौजूदगी में जेसीबी लगाकर तोड़ दिया गया है.
साव का यह घर हजारीबाग जिले में एनटीपीसी के चट्टी बरियातू कोल माइंस के सामने जोरदाग झुमरी टांड़ में बना था.
यह भूमि खोल खनन क्षेत्र को आवंटित है. योगेंद्र साव का आरोप है कि इस जमीन का उन्हें मुआवजा नहीं मिला है.
वहीं, प्रशासन और एनटीपीसी का कहना है संबंधित भूमि के लिए निर्धारित मुआवजा राशि पहले ही तय की जा चुकी थी. योगेंद्र साव द्वारा मुआवजे की राशि लेने से इनकार करने के बाद इसे ट्रिब्यूनल कोर्ट में जमा कर दिया गया था. चट्टी बरियातू कोल खनन परियोजना के विस्तार कार्य में बाधा आ रही थी, जिसके कारण प्रशासन को यह कदम उठाना पड़ा.
इधर घर तोड़े जाने पर योंगेंद्र साव और उनकी बेटी, कांग्रेस नेता अंबा प्रसाद ने सोशल मीडिया पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि सरकार के इशारे पर उनलोगों के खिलाफ दमन किया जा रहा है.
यह इलाका बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र में आता है. इस सीट से योगेंद्र साव 2009 में विधायक बने थे. 2014 में उनकी पत्नी निर्मला देवी यहां से जीतीं.
2019 में उनकी बेटी अंबा प्रसाद इस सीट से जीतीं. 2024 में अंबा हार गईं. अभी अंबा प्रसाद कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव हैं.
हाल ही में पूर्व मंत्री के कथित अमर्यादित भाषा का उपयोग करते हुए कंपनी के कर्मचारी और गाड़ियों पर तीर से हमला करने वाला एक वीडियो वायरल हुआ था. माना जा रहा है कि इस घटना के बाद सख्ती से प्रशासन ने यह कार्रवाई की है.
