झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग बुधवार को नई बिजली दरों (टैरिफ) का ऐलान करने जा रहा है. 10 से 15 प्रतिशत टैरिफ में वृद्धि संभव है.
इससे घरेलू उपभोक्ताओं, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों, और औद्योगिक इकाइयों पर बिलों का बोझ बढ़ सकता है.
नयी बिजली दर एक अप्रैल 2026 से लागू होगा. हालांकि आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात है कि 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली योजना लागू रहेगी.
वर्तमान में घरेलू उपभोक्ताओं को 6.85 रुपये प्रति यूनिट बिजली उपलब्ध है. इसे सात से आठ रुपये तक बढ़ाने का प्रस्ताव है.
हालांकि अंतिम फैसला बुधवार को आयोग की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा. इस बीच आम जनता के बीच बढ़ती कीमतों को लेकर चिंता भी देखी जा रही है.
आयोग झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) के उस प्रस्ताव पर विचार कर निर्णय करेगा, जिसमें बिजली दरों में 50 से 60 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की मांग की गई है.
अगर प्रस्ताव मंजूर होता है तो राज्य में बिजली दरें अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच सकती हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं से लेकर किसान और उद्योग जगत तक सभी प्रभावित होंगे.
किसान और उद्योग भी प्रभावित
निगम के प्रस्ताव पर अमल हुआ तो बिजली दरों में प्रस्तावित बढ़ोतरी का असर केवल घरेलू उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं रहेगा.
औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए दर 9.10 रुपये प्रति यूनिट तय करने का प्रस्ताव है, जबकि कृषि सिंचाई के लिए मौजूदा दर 5.30 प्रति यूनिट से बढ़ाकर नौ से 10 रुपये प्रति यूनिट करने की मांग की गई है.
झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड ने अपनी टैरिफ याचिका में बढ़ोतरी को उचित ठहराते हुए कई कारण गिनाए हैं.
इनमें बिजली खरीद की बढ़ती लागत, पुराने पावर परचेज एग्रीमेंट्स (पीपीए) से जुड़ी वित्तीय देनदारियां, वितरण में हो रहा घाटा और नेटवर्क को मजबूत करने के लिए आवश्यक पूंजीगत निवेश शामिल हैं.
कंपनी का तर्क है कि मौजूदा दरों पर संचालन करना आर्थिक रूप से टिकाऊ नहीं है, इसलिए दरों में संशोधन जरूरी हो गया है.
