सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड के तत्कालीन ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम और उनके पीएस रहे डिप्टी कलेक्टर संजीव लाल को जमानत की सुविधा प्रदान की है.
न्यायाधीश एम एम सुंदरेष और न्यायाधीश एन कोटेश्वर सिंह की पीठ में दोनों की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई.
सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से कहा गया कि मामला अत्यधिक गंभीर है टेंडर के निष्पादन में सुनियोजित कमीशनखोरी तथा मनी लॉन्ड्रिंग से यह मामला जुड़ा है. न्यायालय के आदेश के आलोक में अब तक गवाहों के बयान दर्ज कराने के कार्रवाई पूरी नहीं हुई है.
दूसरी तरफ आलमगीर आलम की ओर से कहा गया कि वह 77 साल के हैं 2 साल से अधिक समय से जेल में हैं. उन्हें जमानत की सुविधा दी जानी चाहिए.
न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आलमगीर आलम को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया. साथ ही न्यायालय ने संजीव लाल को भी जमानत की सुविधा प्रदान की.
आलमगीर आलम अभी रांची स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में बंद हैं.
आलमगीर आलम को प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने 15 मई 2024 को टेंडर निष्पादन में कमीशन घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में गिरफ्तार किया था.
यह कार्रवाई उनके करीबियों के ठिकानों पर की गई छापेमारी में 32.20 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद होने के बाद हुई थी.
क्या है चार्जशीट में
गौरतलब है कि पिछले मार्प्रच महीने में ईडी ने झारखंड के ग्रामीण विकास विभाग में हुए बहुचर्चित टेंडर घोटाले, कमीशनखोरी तथा मनी लाउंड्रिंग से जुड़े मामले में पांचवीं सप्लीमेंट्री चार्जशीट में और 12 इंजीनियरों को आरोपी बनाया है.
इसके साथ ही ईडी की जांच में यह स्थापित हुआ है कि लगभग 3048 करोड़ के टेंडर के निष्पादन में 90 करोड़ से अधिक के कमीशन तत्कालीन ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम, तत्कालीन विभागीय सचिव तथा चीफ इंजीनियर व उनके मातहत इंजीनियरों ने लिए.
ईडी की जांच में यह भी स्थापित हुआ कि ग्रामीण कार्य विभाग, जेएसआरडीए के भीतर एक व्यवस्थित कमीशन-रिश्वतखोरी का रैकेट चल रहा था, जिसके तहत निविदा आवंटन के बदले ठेकेदारों से कुल निविदा मूल्य का 3 प्रतिशत का निश्चित कमीशन वसूला जाता था
कमीशन का वितरण मंत्री, सचिव और इंजीनियरों की हैसियत के पदानुक्रम के अनुसार किया गया. इनमें 1.35 प्रतिशत मंत्री को उनके निजी सचिव संजीव कुमार लाल के माध्यम से दिए गए. जबकि 0.65 से 1.0 प्रतिशत विभाग के सचिव को और शेष चीफ इंजीनियर और उनके अधीनस्थ इंजीनियरों को दिए गए.
