जमशेदपुरः झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत पानीपाड़ा गांव के पास स्वर्णरेखा नदी के तट पर मिले दो शक्तिशाली बमों को बुधवार को भारतीय सेना की टीम ने सफलतापूर्वक डिफ्यूज किया.
जमशेदपुर के एसएसपी ने बमों के बारे में सेना की टीम को जानकारी देते हुए डिफ्यूज करने में मदद मांगी थी. इनमें एक बम 227 किलो का था. रांची के सांसद और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने भी सेना के अधिकारियों से इस बाबत जानकारी ली थी.
बम डिफ्यूज करने से पहले डेढ़ किलोमीटर क्षेत्र को ‘नो मेंशन जोन’ घोषित कर दिया गया. एक किलोमीटर दायरे में रह रहे सभी लोगों को झारखंड पुलिस और बंगाल पुलिस के सहयोग से सुरक्षित स्थानों पर हटा दिया गया था.
डिफ्यूज से पहले भारतीय सेना के ड्रोन ने पूरे एक किलोमीटर क्षेत्र का सर्वे किया, ताकि कोई भी व्यक्ति उस रेडियस में न रहे. खेतों में काम कर रहे मजदूरों सहित स्थानीय लोगों को पूरी तरह दूर कर दिया गया.
गौरतलब है कि पहला बम करीब 10 दिन पहले और दूसरा बम दो दिन पहले मिला था. दोनों बमों को निष्क्रिय करने के लिए भारतीय सेना की विशेष टीम पिछले तीन दिनों से बहरागोड़ा में कैंप कर रही थी.
बड़ा गड्ढा खोदा गया
सेना की विशेष टीम ने बम को जमीन में 15 फीट गहरा गड्ढा खोदकर उसमें रखा. इसके बाद गड्ढे को बालू की बोरियों से ढक दिया गया. एक किलोमीटर दूर से रिमोट तरीके से डिफ्यूज किया गया. दोनों बमों को अलग-अलग डिफ्यूज किया गया. पहले बम को डिफ्यूज करने के 30 मिनट बाद दूसरे बम को निष्क्रिय किया गया. डिफ्यूज के समय जोरदार धमाका हुआ और आसमान में काला व सफेद धुआं दिखाई दिया. धमाके से उस जगह पर गहरी खाई बन गई.
