बीजू जनता दल (बीजद) के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने कहा है कि स्वतंत्रता सेनानी और पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक के खिलाफ ‘‘अपमानजनक’’ टिप्पणी करने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे को ‘‘मनोचिकित्सक’’ के परामर्श की आवश्यकता है.
बीजेपी सांसद दुबे की टिप्पणी की निंदा करते हुए बीजद प्रमुख ने ओडिशा विधानसभा के बाहर पत्रकारों से कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इस तरह की अपमानजनक बातें कहने को लेकर भाजपा सांसद को किसी मनोचिकित्सक की सलाह की आवश्यकता है.’
नवीन पटनायक ने कहा, “मुझे यह जानकर हैरानी हुई कि सांसद दुबे ने बीजू बाबू के बारे में कितनी बेतुकी बातें कहीं. मुझे नहीं लगता कि उन्हें यह पता है कि जब बीजू बाबू अभी भी ओडिशा के मुख्यमंत्री थे, तब पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने दिल्ली में अपने दफ़्तर के ठीक बगल में उनका दफ़्तर बनवाया था, ताकि चीनियों से लड़ने की रणनीतियाँ बनाई जा सकें.”
गोड्डा से भाजपा के सांसद दुबे ने 27 मार्च को एक बयान में दावा किया था कि 1960 के दशक में चीन के खिलाफ युद्ध के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और सीआईए के बीच बीजू पटनायक कड़ी थे.
जब यह मुद्दा एक बड़े विवाद में तब्दील हो गया और बीजद सांसदों ने सोमवार को यह आरोप लगाते हुए राज्यसभा से बहिर्गमन किया कि दुबे ने बीजू पटनायक के खिलाफ “अपमानजनक और मानहानिकारक” टिप्पणी की है, तब भाजपा सांसद ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर स्पष्ट किया कि उन्होंने यह बयान “कांग्रेस की गलत हरकतों को उजागर करते हुए दिया था, न कि बीजू पटनायक के विरूद्ध.”
और सफाई देते हुए दुबे ने कहा कि बीजू पटनायक एक महान स्वतंत्रता सेनानी थे और भाजपा उनका सम्मान करती है.
उन्होंने लिखा, ‘‘जब कांग्रेस ने बीजू बाबू के साथ अन्याय किया, तब जनसंघ और भाजपा ही थी जो उनके साथ खड़ी रहीं। बताइए, मैंने अपने ट्वीट में बीजू बाबू पर कौन सा आरोप लगाया? अगर मेरे ट्वीट से किसी को ठेस पहुंची है, तो मैं केवल उन्हें समझाने की कोशिश कर सकता हूं.
उन्होंने कहा कि बीजू बाबू आदरणीय हैं और हमेशा रहेंगे.
दुबे ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा,‘‘मुझे किसी के प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है.’’
उन्होंने दावा किया कि बीजू पटनायक “बिहार के भी गौरव” थे, क्योंकि 1936 से पहले ओडिशा बिहार का हिस्सा था.
भाजपा सांसद ने कहा,‘‘मैं राष्ट्र नायकों को क्षेत्र, जाति और धर्म तक सीमित रखने के विचार की निंदा करता हूं.’’
