पलामूः झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा की नियमावली में स्थानीय भाषा के तौर पर हिंदी, भोजपुरी, मगही को शामिल नहीं किए जाने के विरोध में पलामू में युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा है.
भारतीय जनता युवा मोर्चा के बैनर तले शुक्रवार को जनाक्रोश मार्च निकाला गया. इसमें डालटनगंज के विधायक आलोक चौरसिया भी शामिल हुए.
युवाओं ने सरकार पर जेटेट के अभ्यर्थियों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए नियमावली में तत्काल संशोधन की मांग की है.
संस्कृत विद्यालय भारत माता चौक (साहित्य समाज चौक) से निकाला गया आक्रोश मार्च शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए छहमुहान चौक तक पहुंचा. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जेटेट नियमावली में बदलाव की मांग उठाई.
छहमुहान चौक पहुंचते ही प्रदर्शनकारियों ने चौक का घेराव कर दिया. इससे इलाके में यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. पुलिस और प्रशासन को स्थिति संभालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी.
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जेटेट की नई नियमावली में पलामू जिला की भाषा सूची से हिंदी, मगही और भोजपुरी को बाहर रखा गया है. वक्ताओं ने कहा कि इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हजारों छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है और उनका भविष्य अधर में लटक गया है.
प्रदर्शन में डालटनगंज विधायक आलोक कुमार चौरसिया, पांकी विधायक डॉ. शशिभूषण मेहता, मेदिनीनगर नगर निगम की मेयर अरुणा शंकर, भाजपा जिलाध्यक्ष अमित कुमार तिवारी सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए. इसके अलावा भाजयुमो जिलाध्यक्ष डॉ. विपुल गुप्ता, ज्योति पांडेय, किसलय तिवारी और शिवकुमार मिश्रा समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे.
