रांचीः झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और परीक्षाओं का संचालन करने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के विरुद्ध मंगलवार को अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) की छापेमारी के बाद आयोग के चेयरमैन एल ख्यांग्ते ने इस्तीफा दे दिया है.
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उनका इस्तीफा बुधवार को स्वीकार कर लिया.
प्रशासनिक हलके में माना जा रहा है कि जेपीएससी की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर सरकार के सख्त रुख को देखते हुए चेयरमैन ने अपना इस्तीफा दिया है.
इससे पहले सरकार के निर्देश पर सीआईडी और रांची पुलिस की संयुक्त टीम ने जेपीएससी कार्यालय और संबंधित ठिकानों पर छापेमारी की.
झारखंड के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रहे एल ख्यांग्ते को 27 फरवरी 2025 को झारखंड लोक सेवा आयोग का चेयरमैन नियुक्त किया गया था.
उनका कार्यकाल 25 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित था, लेकिन परीक्षा विवाद और प्रशासनिक दबाव के बीच उन्हें कार्यकाल पूरा होने से पहले ही पद छोड़ना पड़ा.
वह झारखंड के मुख्य सचिव और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) रह चुके हैं.
इससे पहले छापे
इससे पहले मंगलवार को झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के कार्यालय में सीआईडी की संयुक्त टीम ने छापेमारी की है.
जेपीएससी सिविल सेवा की 14वीं परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर उपजे विवाद और छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच सीआईडी की इस कार्रवाई को लेकर चर्चा जोरों पर है.
आयोग कार्यालय में छापेमारी के बाद जांच की आंच परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी तक पहुंच गई है. सीआईडी परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की है.
जानकारी के अनुसार, कार्रवाई के दौरान एजेंसी से जुड़े तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है. साथ ही जांच टीम ने एजेंसी के कार्यालय को सील कर दिया है. आयोग की उप परीक्षा नियंत्रक श्व्ते गुप्ता और एजेंसी से जुड़े सात लोगों को सीआईडी ने हिरासत में लिया है.
छापेमारी के दौरान टीम ने पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क, डायरी समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और कागजात बरामद किए हैं. बरामद सामान को जांच टीम ने अपने कब्जे में ले लिया है.
