रांचीः झारखंड केराज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने सूचना आयुक्तों की नियुक्ति पर स्वीकृति नहीं दी है. उन्होंने नियुक्ति से संबंधित फाइल राज्य सरकार को वापस लौटा दी है.
राज्यपाल ने सरकार के द्वारा अनुशंसित तीन नामों- शिवपूजन पाठक, अमूल्य नीरज खलखो और तनुज खत्री के राजनीतिक दलों से संबद्ध रखने की जानकारी और शिकायत मिलने के बाद फाइल वापस भेजी है.
राज्यपाल ने इन तीन नामों पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है.
राज्यपाल ने सरकार से कहा है कि सर्वोच्च न्यायालय के चर्चित अंजलि भारद्वाज मामले में पारित आदेश तथा सूचना के अधिकार अधिनियम के प्रविधानों को देखें कि क्या इनके अनुरूप ही सूचना आयुक्तों की नियुक्ति की अनुशंसा की गई है?
राज्यपाल ने फाइल के साथ विभिन्न संगठनों और व्यक्तियों द्वारा सूचना आयुक्तों की नियुक्ति की अनुशंसा के विरोध में लेकर लोक भवन से की गई शिकायतों और पत्रों को भी संलग्न किया है.
राज्यपाल द्वारा फाइल लौटाने से सूचना आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया में पेंच फंस गया है। बताया जाता है कि राज्यपाल ने इससे पहले राज्य सरकार द्वारा अनुशंसित नामों पर विधिक राय ली थी, जिसके बाद उन्होंने फाइल लौटाने का निर्णय लिया.
राज्य सरकार ने सूचना आयुक्तों के चार पदों के लिए नामों अनुशंसा राज्यपाल को भेजी थी, जिनमें तीन राजनीतिक दलों से जुड़े रहे हैं.
शिवपूजन पाठक, भाजपा, अमूल्य नीरज खलखो, कांग्रेस तथा तनुज खत्री कांग्रेस से जुड़े है.
राज्य सरकार ने कमेटी की अनुशंसा पर वरिष्ठ पत्रकार अनुज सिन्हा के अलावा झामुमो के आइटी सेल प्रभारी तनुज खत्री, प्रदेश कांग्रेस महासचिव अमूल्य नीरज खलखो तथा प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक के नाम स्वीकृति के लिए भेजे थे.
25 मार्च को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी ने सूचना आयुक्त के नामों पर सहमति दी थी. इस कमेटी में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी भी शामिल हैं.
