रांचीः महिला दंत चिकित्सक को नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म करने के मामले में रांची पुलिस ने उसकी कथित सहेली ओली विश्वकर्मा समेत कुल 3 लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें मुख्य आरोपी दानिश भी शामिल है.
दानिश के साथ ही बर्थडे पार्टी में शामिल फवाद नामक युवक को भी गिरफ्तार किया गया है. ये दोनों आरोपी रांची के हिंदपीढ़ी इलाके के रहने वाले हैं.
रांची के सिटी एसपी पारस राणा ने बताया है कि दानिश और फवाद को बंगाल के खड़गपुर से गिरफ्तार किया है. इस केस में 26 वर्षीय ओली विश्वकर्मा को भी पकड़ा गया है. पुलिस ने तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. पुलिस ने बताया कि इस केस में एक अन्य आरोपी की तलाश है. उसे गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है.
केक खाने के बाद
पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीड़िता के बयान पर 13 अप्रैल को लालपुर थाना कांड सं0- 66/26 दर्ज किया गया। वरीय पुलिस अधीक्षक राँची के निर्देश पर घटना में संलिप्त अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु प्रशिक्षु आईपीएस साक्षी जमुआर के नेतृत्व में एक कमेटी गठित की गई थी. टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. प्रेस कांफ्रेंस में साक्षी जमुआर भी मौजूद रहीं.
ओली विश्वकर्मा ने अपन जन्म दिन पर आयोजित पार्टी में पीड़िता, जो उसकी सहेली है उसे अपने फ्लैट पर बुलाया था, जहां अन्य लड़कियों के भी शामिल होने का दावा किया था.
पीड़िता का आरोप है कि बर्थडे केक खाने के बाद उसी सुस्ती महसूस होने लगी।. वहां मौजूद शादाब नाम का युवक अपने दो दोस्त- फहद और दानिश के साथ मौजूद था.

पीड़िता कमरे में बैठी थी कि तभी दानिश ने उसे पिज्जा खाने को दिया. पिज्जा स्लाइस खाते ही उसकी तबीयत बिगड़ने लगी. वह फ्लैट के ही एक कमरे में आराम करने चली गई, तभी पीछे से दानिश भी कमरे में आया और उसकी बेहोशी का फायदा उठाकर कमरे को बंद कर दिया और जबरन रेप किया.
पीड़िता का कहना है कि उसने विरोध करना चाहा, लेकिन नशे की हालत में खुद को नहीं बचा सकी. पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने दानिश और ओली विश्वकर्मा को तत्काल गिरफ्तार किया था. बाद में फहद को भी गिरफ्तार कर लिया गया. शादाब अभी फरार है.
रिम्स में जेडीए का विरोध प्रदर्शन
महिला डेंटल के साथ इस घटना के विरोध में बुधवार को रिम्स में जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) के बैनर तले एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें जूनियर डॉक्टर, इंटर्न तथा एमबीबीएस एवं बीडीएस के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया.
एसोसिएशन ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए पूरे चिकित्सा समुदाय की ओर से पीड़िता के साथ एकजुटता व्यक्त करने आह्वान भी किया है. डॉक्टरों ने बांहों पर काली पट्टी भी बांध रखी थी. उन्होंने इस मामले में स्पीडी ट्रायल कराकर दोषियों को सख्त सजा दिलाने की मांग की है.
