रांचीः मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में कुल 53 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इनमें राज्य में अनाधिकृत रूप से बने मकानों को रेगुलराइज करने के प्रस्ताव पर मंजूरी दी गई है.
कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने बैठक के बाद इन फैसलों की जानकारी दी. नगर विकास विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए सरकार ने यह तय किया है कि रांची सहित पूरे राज्य में 10 मीटर ऊंचाई तक के आवासीय भवन, यानी जी प्लस टू तक के मकानों को नियमित किया जाएगा.
इस योजना के तहत अधिकतम 300 वर्गमीटर क्षेत्रफल तक के भवन शामिल होंगे.
नियमितीकरण के लिए शुल्क भी तय किया गया है. आवासीय भवनों के लिए न्यूनतम 10,000 रुपये और गैर-आवासीय भवनों के लिए 20,000 रुपये शुल्क रखा गया है.
इस फैसले से हजारों मकान मालिकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो अब तक अलग-अलग वजहों से कानूनी अड़चनों का सामना कर रहे थे.
रोबोटिक्स फेस्टिवल
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रस्ताव के तहत राज्य में झारखंड रोबोटिक्स फेस्टिवल आयोजित करने का निर्णय लिया गया है.
यह फेस्टिवल छात्रों और तकनीकी क्षेत्र के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच देगा. प्रतिभागियों को किसी भी प्रकार का रोबोट बनाने की स्वतंत्रता होगी.
प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार 5 लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार 3 लाख रुपये और तृतीय पुरस्कार 2 लाख रुपये निर्धारित किया गया है. इसके अलावा उत्कृष्ट कार्य करने वाले फैकल्टी सदस्यों को भी सम्मानित किया जाएगा. यह पहल राज्य में तकनीकी शिक्षा और नवाचार को नई दिशा देगी.
कैबिनेट ने खूंटी गिरिडीह जामताड़ा और धनबाद सदर अस्पताल को पीपीपी मोड में मेडिकल कॉलेज के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव पर भी मंजूरी दी है.
एक अन्य प्रस्ताव के तहत छठा वेतनमान ले रहे राज्य कर्मियों एवं पेंशन भोगियों के महंगाई भत्ते में वृद्धि की गई है. अब उन्हें मूल वेतन के 252 प्रतिशत की जगह 257 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा.
वहीं, जो राज्यकर्मी पंचम वेतनमान ले रहे हैं, उनका महंगाई भत्ता अब 466 फ़ीसदी से बढ़कर 474 फ़ीसदी हो जाएगा.
