झारखंड प्रदेश बीजेपी की उपाध्यक्ष और सिंहभूम की पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने दिल्ली में भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल ओराम से मुलाकात कर झारखंड में आदिवासी समाज के सामिजक, आर्थिक विकास के साथ रोजी- रोजगार उत्थान के क्षेत्र में विशेष पहल करने का आग्रह किया है.
इसके साथ ही पूर्व सांसद ने आदिवासी समुदाय की समस्याओं की ओर भी केंद्रीय मंत्री का ध्यान खींचा. उन्होंने आग्रह किया कि जनजातीय समुदाय के विकास तथा कल्याण के लिए भारत सरकार की जनजातीय योजनाओं के माध्यम से आदिवासी वर्ग को जोड़कर और अधिक सशक्त बनाने की पहल की जाए, जिससे कि उनके जीवन स्तर में सुधार के साथ ही उनका समुचित विकास सुनिश्चित हो सके.
केंद्रीय मंत्री से शनिवार को मुलाकात में गीता कोड़ा ने सिंहभूम में आदिवासी समुदाय के सामाजिक, आर्थिक स्थिति के बारे में भी चर्चा की तथा रोजगार के सृजन के लिए विशेष सहायता की जरूरत बतायी.
उन्होंने झारखंड राज्य में केंद्र संपोषित जनजातीय कल्याण तथा विकास से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्यवन पर विशेष निगरानी का भी आग्रह किया है, ताकि लोगों को योजनाओं का सही समय पर लाभ मिल सके. उन्होंने केंद्रीय मंत्री का ध्यान दिलाया कि राज्य सरकार को केंद्रीय सहायता की जितनी राशि आवंटित की जाती है, राज्य उसका सही समय पर इस्तेमाल करे, ताकि आदिवासियों को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़े.
गीता कोड़ा ने जनजातीय भाषा, पंरपरा, संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन, तथा युवाओं के कौशल विकास, महिलाओं और बच्चों के पोषण तथा बुनियादी ढाँचे में विस्तार के साथ शिक्षा, चिकित्सा के क्षेत्र में भी केंद्रीय मंत्री का ध्यान दिलाया.
पूर्व सांसद ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, पीएम-जनमन का शुभारंभ झारखंड की धरती से ही किया गया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का झारखंड के आदिवासी समाज से विशेष लगाव रहा है.
उन्होंने बताया कि जनजातीय उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन (पीएमजेवीएम) से झारखंड के आदिवासियों को बड़े पैमाने पर जोड़े जाने की जरूरत है, ताकिहमारे समाज के लोग आजीविका-संचालन की दिशा में आगे बढ़ें.
इसके अलावा अनुसूचित जनजातियों के लिए विकास कार्य योजना (डीएपीएसटी) के तहत तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सिंचाई, सड़क, आवास, विद्युतीकरण, रोजगार सृजन और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में भी लोगों को जोड़कर विकास के मार्ग प्रशस्त किए जाएं.
केंद्रीय मंत्री ने पूर्व सांसद की बातों को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया है कि जनजातीय कार्य मंत्रालय अनुसूचित जनजातियों के विकास के लिए समग्र नीति, योजना और कार्यक्रमों के समन्वय के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रहा है. जनजातीय समुदाय के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण, सतत विकास और उनकी जीवंत सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर केंद्र सरकार की कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं. राज्य सरकार को केंद्र से कई योजनाओं के संचालन के लिए राशि आवंटित की जाती रही है.
