रांचीः झारखंड में उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किए गए 168 आरोपियों को जमानत की सुविधा प्रदान की गई है.
रांची के न्यायायुक्त योगेश की अदालत ने जमनात पर फैसला सुनाया. कोर्ट ने उन्हें 20-20 हजार रुपये के निजी मुलचके पर जमानत दी है.
इससे पहले कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था.
गौरतलब है कि पिछले 12 अप्रैल को आयोजित उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से ठीक पहले कथित पेपर लीक मामले में रांची पुलिस ने तमाड़ थाना क्षेत्र के रड़गांव से 168 लोगों को गिरफ्तार किया था. इनमें 159 अभ्यर्थी भी शामिल थे.
जिन 159 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया है उनमें सात महिला भी शामिल थी.
कुख्यात सोल्वर गैंग
पुलिस ने सोल्वर गैंग का सरगना अतुल वत्स समेत पांच लोगों को भी गिरफ्तार किया था. अतुल वत्स देश के कई राज्यों में अलग- अलग प्रतियोगिता परीक्षाओं में कथित पेपर लीक का आरोपी रहा है.
सरगना अतुल वत्स है, जो जहानाबाद बिहार के घोसी थाना क्षेत्र का रहने वाला है.
इस गिरोह ने हर अभ्यर्थी से 10-15 लाख का सौदा किया था. पेपर लीक के इस गिरोह का खुलासा को लेकर एसआईटी लगातार कार्रवाई कर रही है. 8 मई को बिहार से और तीन लोगों को इसी सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है.
हालांकि परीक्षा के आयोजन के बाद झारखंड कर्मचारी चयन आयोग आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने रांची में एक प्रेस कांफ्रेंस में दावा किया था परीक्षा में पेपर लीक नहीं हुआ है.
सोल्वर गैंग ने अभ्यर्थियों को जो प्रश्न पत्र मुहैया कराए थे, उससे मूल प्रश्न मेल नहीं खाते हैं. दो- तीन प्रश्न ही आशिंक तौर पर लड़ रहे हैं.
कैसे पकड़ा गया था गैंग
अतुल वत्स राजस्थाव क्लर्क भर्ती परीक्षा 2017, नीट परीक्षा पेपर लीक 2024, रिव्यू ऑफिसर असिस्टेंट रिव्यू ऑफिसर परीक्षा बिहार, उत्तर प्रदेश सिपाही भर्ती परीक्षा 2024 पेपर लीक में भी यह सरगना संलिप्त रहा है.
रांची पुलिस को 11 अप्रैल को गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि तमाड़ थाना अंतर्गत रड़गांव इलाके में एक अर्धनिर्मित भवन में 150 से अधिक जेएसएससी अभ्यर्थियों का जमावड़ा लगा है, जिनकी गतिविधि संदिग्ध प्रतीत हो रही है.
प्राप्त सूचना के आलोक में विशेष छापामारी दल का गठन करते हुए देर रात छापेमारी की गई. छापेमारी में पाया गया कि उक्त भवन के बाहर गाड़ियों का जमावड़ा लगा था तथा वहां पर जैसे ही छापामारी दल पहुंचा तो उपस्थित करीब 150 से अधिक लोग इधर-उधर भागने लगे तथा अपने सामग्रियों को फेंकने और छिपाने लगे. लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया.
