रांचीः नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ के लिए गुरुवार का दिन बेहद अहम रहा. कोल्हान और सारंडा में सक्रिय 25 भाकपा माओवादियों ने सरेंडर कर दिया है. उधर गुमला में सक्रिय जेजेएमपी के दो सदस्यों ने भी पुलिस के सामने हाथ खड़े कर दिए हैं.
सरेंडर करने वालों में 7 जोनल कमांडर, 7 एरिया कमांडर और 13 सक्रिय सदस्य शामिल हैं. माओवादियों ने भारी मात्रा में हथियार भी पुलिस को सौंप दिया है.
ऑपरेशन नवजीवन के तहत सरेंडर करने वाले इन नक्सलियों में से आठ के ऊपर कुल 33 लाख रुपया का इनाम घोषित है. इन सभी नक्सलियों के खिलाफ कुल 426 नक्सल मामले दर्ज है.
पुलिस मुख्यालय में डीजीपी तदाशा मिश्रा और सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण नीति के तहत माओवादियों ने सरेंडर किए.
झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण व पुनर्वास नीति के अंतर्गत इन्हें आर्थिक सहायता और हजारीबाग की खुली जेल में रखने जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी.
हिंसा और हथियार छोड़कर मुख्य धारा में जुड़ने के लिए पुलिस अफसरों ने माओवादियों का स्वागत किया. भाकपा माओवादियों के इनामी और बड़े चेहरे, जिन्होंने हथियार डालेः
- गादी मुंडा उर्फ गुलशन (निवासी- बुण्डू, रांची), जिस पर 5 लाख रुपये का इनाम था. इसके खिलाफ चाईबासा, सरायकेला, रांची और खूंटी में कुल 48 मामले दर्ज हैं.
- नागेंद्र मुंडा उर्फ प्रभात मुंडा उर्फ मुखिया (निवासी- अड़की, खूंटी) जिस पर 5 लाख रुपये का इनाम था. चाईबासा और सरायकेला में 38 मामले दर्ज हैं.
- रेखा मुंडा उर्फ जयंती (निवासी- बुण्डू, रांची) — 5 लाख का इनामी; चाईबासा व सरायकेला में 18 मामले.
- सागेन आंगारिया उर्फ दोकोल (निवासी- गोइलकेरा, चाईबासा) — 5 लाख का इनामी; चाईबासा में 123 मामले.
- करण तियू (निवासी- गोइल केरा, चाईबासा) —2 लाख रुपये का इनामी , चाईबासा में 29 मामले दर्ज.
- दर्शन उर्फ बिंज हांसदा (निवासी- छोटानगरा, चाईबासा) — 5 लाख का इनामी , चाईबासा में 14 मामले.
- सुलेमान हांसदा उर्फ सुनी हांसदा (निवासी- छोटानगरा, चाईबासा) — 5 लाख इनामी; चाईबासा में 13 मामले.
- बासुमती जेराई उर्फ बासू (निवासी- किरीबुरू, चाईबासा) —1 लाख रुपये का इनामी; चाईबासा में 14 मामले.
- बैजनाथ मुंडा (निवासी- तमाड़, रांची) — चाईबासा में 4 मामले.
- रघु कायम उर्फ गुणा (निवासी- मुफसिल, चाईबासा) — चाईबासा में 19 मामले.
- किशोर सिरका उर्फ दुर्गा सिरका (निवासी- टोंटो, चाईबासा) चाईबासा में 11 मामले.
- राम दयाल मुण्डा (निवासी- तमाड़, रांची) — सरायकेला और चाईबासा में कुल 4 मामले.
नक्सली कैडर, जिन्होंने सरेंडर किए
वंदना उर्फ शांति, सुनिता सरदार, डांगुर बोइपाई, बसंती देवगम, मुन्नीराम मुण्डा, अनिशा कोड़ा उर्फ रानी, सपना उर्फ सुरू कालुंडिया, सुसारी उर्फ दसमा कालुंडिया, बिरसा कोड़ा उर्फ हरिसिंह, नुअस, बुमली तियू, निति माई उर्फ निति हेंब्रम और लादू तिरिया.
इन सभी के ऊपर चाईबासा और अन्य थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं.

जेजेएमपी के दो सदस्यों ने भी हाथ खड़े किए
जेजेएमपी संगठन के दो सदस्यों ने भी सरेंडर किया है. इनमें गुमला के अपर घाट का रहने वाला सचिन बैक और कलिगा का रहने वाला श्रवण शामिल है. सचिन बैक पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था और गुमला में उसके खिलाफ छह मामले दर्ज हैं. वहीं, श्रवण गोप के खिलाफ गुमला में 8 मामले दर्ज हैं.
कितने हथियार
आत्मसमर्पण के साथ नक्सलियों ने आधुनिक हथियार और भारी मात्रा में गोला-बारूद भी पुलिस को सौंपा है.
लाइट मशीन गन (LMG) -5
इंसास राइफल- 9
एसएलआर राइफल- 1
बोल्ट-एक्शन राइफल- 1
पिस्टल 1 और 31 मैगजीन
3000 राउंड जिंदा कारतूस
मिसिर बेसरा को लगा झटका
झा पश्चिमी सिंहभूम जिले के घने सारंडा-कोल्हान जंगलों में सक्रिय 25 भाकपा माओवादियों के एक साथ सरेंजडर करने से माओवादी के शीर्ष नेता और एक करोड़ रुपये का इनामी नक्सली मिसिर बेसरा को बड़ा झटका लग सकता है. हालाकि सुरक्षाबलों की घेराबंदी से बचने में बेसरा अब तक सफल रहा है. हाल के दिनों में कोल्हान और सारंडा के जंगलों में मिसिर बेसरा के खिलाफ सुरक्षा बलों ने बड़ा अभियान चलाया था. लेकिन वह बचकर निकलने में सफल रहा है.
