रांचीः झारखंड में लंबे समय से ग्रामीण सड़क निर्माण का कार्य पूर्ण नहीं करने वाली एजेंसी या संवेदकों को अब नया काम मिलना आसान नहीं होगा. राज्य की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने आधी-अधूरी सड़कों की सूची तैयार कर एजेंसी और संबंधित ठेकेदारों को डिबार करने को कहा है.
रांची स्थित झारखंड सिविल सर्विस ऑफिसर्स इंस्टीट्यूट के सभागार में बुधवार को ग्रामीण विकास एवं ग्रामीण कार्य विभाग की समीक्षा बैठक में मंत्री ने काम में देरी कर रेट रिवीजन की चालाकी को भी गंभीरता से लिया है.
देरी पर मंत्री नाराज
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने ग्रामीण कार्य विभाग से जुड़ी सड़क और पुल निर्माण योजना की जिलावार जानकारी लीसमय अवधि के अंदर काम पूरा नहीं करने के बावजूद ऐसी एजेंसी या संवेदकों के द्वारा सड़क निर्माण से जुड़ी दूसरी योजनाएं ली जा रही है. ऐसे में एक ही एजेंसी या संवेदकों के नाम कई काम लंबित है.
समीक्षा बैठक में विभाग के अधिकारियों को ये निर्देश दिए गए कि ऐसी एजेंसी और संवेदकों को नया काम नहीं दिया जाएगा.
मंत्री ने विधायकों के द्वारा विभाग को भेजे गए लिखित शिकायत को गंभीरता से लेते हुए, उस पर अविलंब कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया है. उन्होंने कहा कि चाहे सड़क निर्माण में अनियमितता से संबंधित आवेदन हो या नई सड़क के निर्माण की मांग हो, विधायकों के आवेदन पर समय सीमा के अंदर पहल की जाए. शिकायतों पर पत्राचार की खानापूर्ति के बजाय आवश्यक जांच करने की जरूरत है.
मंत्री श्रीमती सिंह ने कहा कि बारिश से पहले राज्य के क्षतिग्रस्त पुलों की सूची तैयार कर , उसे दुरुस्त करने का काम तेज किया जाए. उन्होंने इसके लिए विभागीय अधिकारियों को ऐसे पुल का निरीक्षण करने का निर्देश भी दिया.
.
अबुवा आवास के लाभुकों को
राज्य में अबुआ आवास के लाभुकों को उनका अंतिम किस्त शीघ्र देने को कहा गया है. अबुआ आवास के लिए इस बजट में 41 सौ करोड़ का बजटीय प्रावधान किया गया है. समीक्षा बैठक के दौरान ये बात सामने आई की राज्य में अब बहुत कम घर ही ऐसे बचे है जहां एसएचजी से जुड़ी कोई महिला सदस्य ना हो. राज्य भर में एसएचजी ग्रुप की संख्या 3 लाख 19 हजार के करीब तक पहुंच चुकी है, जो ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के स्वावलंबन के नजरिए से बेहतर संकेत है .
काम से संतुष्ट नहीं हैं मंत्री
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह समीक्षा बैठक के क्रम में जेएसएलपीएस के काम से संतुष्ट नजर नहीं आई. उन्होंने इसके लिए अधिकारियों को कार्य संस्कृति में सुधार लाने के साथ-साथ जेएसएलपीएस के उद्देश्य को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाने का निर्देश दिया है.
समीक्षा बैठक में ग्रामीण विकास , ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज सचिव मनोज कुमार ने कहा कि एक से डेढ़ साल तक सड़क निर्माण का कार्य पूर्ण नहीं करने वालों की सूची जिला स्तर से मुख्यालय को भेजी जाए. इसके साथ ही रेट रिवीजन को लेकर भी एक एसओपी तैयार किया जाएगा, जिससे काम में देरी कर लाभ लेने वालों को रोका जा सके. सचिव ने विभागीय अधिकारियों को काम का स्थल निरीक्षण करने को भी कहा है. समीक्षा बैठक में मनरेगा आयुक्त मृत्युंजय बरनवाल सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे.
