रांचीः पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के नेता रघुवर दास ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक पत्र लिखा है. इसमें कहा है कि राज्य में बिजली की व्यवस्था लगातार खराब हो रही है. उपभोक्ता सेवा में भारी गिरावट है. इसका सीधा और प्रतकूल असर आम जनजीवन, शिक्षा, कृषि, व्यापार तथा उद्योग पर पड़ रहा है.
उन्होंने बताया है कि राज्य प्रचंड गर्मी की चपेट में है, दूसरी ओर बिजली की दयनीय स्थिति लोगों की परेशानी को और बढ़ा रही है. ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों से लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि घंटों बिजली कटौती के कारण आम जनजीवन, शिक्षा, कृषि, व्यापार तथा उद्योग बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं.
अपनी सरकार के काम
रघुवर दास ने सीएम को लिखे पत्र में अपनी सरकार (2014-2019) के कार्यकाल में बिजली की व्यवस्था में किए गए सुधार और महत्वपूर्ण योजनाओं की ओर दिलाते हुए कहा है कि वर्ष 2014 से 2019 के दौरान हमारी सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार एवं आधारभूत संरचना निर्माण का व्यापक कार्य किया था. उस समय झारखंड को “पावर हब” बनाने का लक्ष्य लेकर अनेक दूरगामी परियोजनाएँ शुरू की गई थीं. बिजली के मामले में राज्य आत्मनिर्भर बनने की दिशा में है. इसके बावजूद राज्य में बिजली की लचर व्यवस्था दुखद है.
किन मामलो में सरकार काम करे
रघुवर दास ने कई बिंदुओं पर सरकार का ध्यान खींचा है कि ऊर्जा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा कर कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया है.
– निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए.
– खराब ट्रांसफॉर्मरों को शीघ्र बदलने हेतु विशेष अभियान चलाया जाए.
– लो-वोल्टेज एवं बार-बार कटौती की समस्या दूर की जाए.
– ट्रांसमिशन एवं वितरण नेटवर्क के रखरखाव को प्राथमिकता दी जाए.
– उपभोक्ता शिकायत निवारण प्रणाली को प्रभावी एवं जवाबदेह बनाया जाए.
उन्होंने कहा है, “झारखंड की जनता बेहतर बुनियादी सुविधाओं की अपेक्षा रखती है. ऊर्जा क्षेत्र किसी भी राज्य की आर्थिक प्रगति की रीढ़ होता है, इसलिए इस दिशा में गंभीर एवं त्वरित और ठोस कदम उठाए जाएं.”
