रांचीः आइसा के राज्य सचिव त्रिलोकी नाथ और संगठन के अन्य प्रतिनिधियों ने एक प्रेस कांफ्रेंस में झारखंड में फीस वृद्धि, शिक्षा के निजीकरण और एनईपी-2020 को लागू करने की दिशा में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा जारी पुनर्गठन संकल्प के तहत लागू किए जा रहे क्लस्टर सिस्टम के विरोध में छह जुलाई को रांची में विशाल मार्च के साथ लोकभवन का घेराव किया जाएगा.
आइसा नेताओं ने कहा है कि क्लस्टर सिस्टम सार्वजनिक शिक्षा को कमजोर कर छात्रों को महंगे निजी संस्थानों की ओर धकेलने वाली छात्र-विरोधी नीति है. इसलिए क्लस्टर सिस्टम को तत्काल वापस लिया जाए.
पेपर लीक और प्रतियोगिता परीक्षाएं
छात्र नेताओं ने कहा है कि पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं ने लाखों छात्रों का भविष्य संकट में डाल दिया है। झारखंड भी इससे अछूता नहीं है। JSSC CGL, JPSC-JET, JSSC JE, कांस्टेबल तथा JAC की 10वीं बोर्ड परीक्षा सहित कई परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक अथवा गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं. हमारी मांग है कि पेपर लीक पर कठोर कानून लागू हो, दोषियों को कड़ी सजा मिले तथा पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.
उन्होंने कहा किझारखंड के लाखों अभ्यर्थी वर्षों से सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन अनेक भर्तियां अब भी लंबित हैं। JSSC JE, LDC/क्लर्क, सहायक आचार्य, माध्यमिक आचार्य, उत्पाद सिपाही, कारापाल, पुलिस कांस्टेबल, JPSC तथा JTET सहित कई भर्ती प्रक्रियाएं वर्षों से अटकी हुई हैं. राज्य सरकार नियमित भर्ती एवं शैक्षणिक कैलेंडर जारी करने में विफल रही है.
वहीं, केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में भी लाखों पद रिक्त हैं. हमारी मांग है कि केंद्र और राज्य सरकारें सभी रिक्त पदों पर समयबद्ध एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया शुरू करें और नियमित भर्ती कैलेंडर जारी करें.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय ओबीसी छात्र मोर्च के प्रदेश अध्यक्ष कमलेश चौधरी,SFI से फैज़ान खान,आइसा के जिला अध्यक्ष विजय कुमार,सचिव संजना मेहता,सोनाली केवट भी मौजूद रहे.
