रांचीः झारखंड में लचर एंबुंलेस सेवा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठते सवालों के बीच सरकार ने सुदूर इलाकों में
इसके तहत राज्य के सुदूर इलाकों से गंभीर मरीजों को कम समय में बेहतर चिकित्सा सुविधा देने के लिए हेलीकॉप्टर से एंबुलेंस सेवा (एचइएमएस) दिलाने का निर्णय लिया है.
मंगलवार को इस बाबत एक प्रस्ताव कैबिनेट में पारित किया गया.
पारित प्रस्ताव के तहत सरकार एक सिंगल इंजन हेलीकॉप्टर की सेवा लेगी. वहीं एक से दूसरे अस्पताल तक मरीज को भेजने के लिए भी हेलीकॉप्टर मिलेगा. इसकी दर क्या होगी, इसका एसओपी अलग से बनाया जायेगा.
एआई आधारित शिक्षा की तैयारी
कैबिनेट के फैसले के अनुसार राज्य के 1000 स्कूलों में एआई आधारित कक्षा की योजना लागू की जायेगी. वर्चुअल क्लास रूम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से भी जुड़ा होगा.
इसके लिए प्रत्येक क्लास रूम में स्मार्ट बोर्ड होगा. यह योजना अगले पांच वर्ष में लागू होगी. एआइ आधारित कक्षाओं के आगामी पांच वर्षों में संचालन के लिए एक अरब 76 करोड़ सात लाख पचासी हजार पांच सौ साठ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी है.
चालू वित्तीय वर्ष में अस्सी करोड़ सात लाख पचासी हजार पांच सौ साठ रुपये के व्यय की स्वीकृति दी गयी. इसे लेकर जेसीइआरटी में दो व सभी प्रमंडल मुख्यालय में एक-एक स्टूडियो बनाया जायेगा. शिक्षक यहां से कक्षा लेंगे.
वर्चुअल कक्षा संचालन के लिए राज्य के हाइस्कूल व प्लस टू विद्यालयों के दो हजार शिक्षकों का पैनल तैयार किया जायेगा. इसके लिए शिक्षकों को अलग प्रशिक्षण दिया जायेगा. पांच वर्ष में सभी शिक्षकों के प्रशिक्षण की प्रक्रिया पूरी हो जायेगी. इसके लिए एजेंसी का चयन किया जायेगा.
