झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार की पूरे राजकीय सम्मान के साथ गिरिडीह के उसरी नदी तट पर अंत्येष्टि की गई. उनके दस साल के बेटे हर्ष ने पिता को मुखाग्नि दी. इस पीड़ादायक क्षण में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी परिवार के सदस्यों के साथ मौजूद रहे.
इससे पहले सुदिव्य कुमार की शव यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा. अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग, समर्थक, जेएमएम के कार्यकर्ता समर्थक और विभिन्न दलों के नेता पहुंचे. पूरे रास्ते लोगों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी. माहौल गमगीन रहा और लोगों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी. उनके सम्मान में कार्यकर्ता, समर्थक नारे लगाते रहे.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी जेएमएम की विधायक कल्पना सोरेन समेत सरकार के कई मंत्री भी सुदिव्य कुमार को श्रद्धांजलि देने गिरिडीह पहुंचे हैं. इस दौरान हेमंत- कल्पना बेहद भावुक दिखे. नम आंखों से हेमंत ने अर्थी को कंधा दिया.

हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन ने सुदिव्य कुमार के परिजनों से मिलकर ढांढस बंधाने की कोशिशें कीं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुदिव्य कुमार का आकस्मिक निधन अत्यंत पीड़ादायक है. यह झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है. उनके निधन से राज्य ने एक कर्मठ जनप्रतिनिधि, समर्पित मंत्री एवं युवा नेतृत्व को खो दिया है. उन्होंने कहा कि स्वर्गीय सुदिव्य कुमार के योगदान और सेवाओं का सदैव स्मरण किया जाएगा.
कल्पना सोरेन की आंखों में आंसू छलके
कल्पना सोरेन की आंखों में आंसू छलक पड़े. उन्होंने भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए कहा, “सोनू भैया अब हमारे बीच नहीं रहे. उनका यूँ चले जाना मेरे लिए एक अभिभावक को खोने जैसा है. राजनीति के सफर में उन्होंने हर कदम पर हौसला दिया और हमेशा बड़े भाई की तरह मेरे साथ खड़े रहे। उनसे मिली सीख, उनका स्नेह और मार्गदर्शन मेरे जीवन की अमूल्य पूंजी है. आज मन यह स्वीकार नहीं कर पा रहा है कि आप हमारे बीच नहीं हैं. आपका जाना मेरे लिए ऐसी व्यक्तिगत क्षति है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती.”

झारखंड सरकार के नगर विकास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का शनिवार देर रात निधन हो गया है.
देर रात गिरिडीह में अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली. वे 57 साल के थे. डॉक्टरों के मुताबिक उन्हें हर्ट अटैक आया था.
शनिवार की रात करीब दो बजे तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल लाया गया. उन्हें बचाने की तमाम कोशिशें की गई. लेकिन तड़के करीब चार बजे उन्होंने अंतिम सांस ली.

राज्यपाल, स्पीकर, केंद्रीय मंत्री ने श्रद्धांजलि
इससे पहले रविवार को करीब डेढ़ बजे राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार के आवास पर पहुंचे. यहां पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किया. नमन करने के बाद राज्यपाल ने दुख व्यक्त किया.
सूबे के मंत्री राधाकृष्णा किशोर के अलावा मंत्री योगेंद्र महतो, झारखंड सरकार की अपर सचिव वंदना दादेल, पर्यटन सचिव नमन प्रियेश लकड़ा भी पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की.
झारखण्ड के विधानसभा अध्यक्ष रबिंद्रनाथ महतो भी दिवंगत मंत्री के आवास पहुंचे. मंत्री सुदिव्य कुमार के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए उन्होंने उन्हें श्रद्धांजलि दी.
केंद्रीय मंत्री सह कोडरमा सांसद अन्नपूर्णा देवी के साथ भाजपा सांसद ढुल्लू महतो उनके आवास पर पहुंचे. अन्नपूर्णा देवी शोक संतप्त परिजनों से मिलीं. ढांढस बंधाया. इनके अलावा धनबाद से भाजपा विधायक राज सिन्हा, बगोदर से भाजपा विधायक नागेंद्र महतो के अलावा भाजपा के कई नेता भी पहुंचे.
दो दिनों का राजकीय शोक
सुदिव्य कुमार के निधन पर दो दिनों का राजकीय शोक घोषित किया गया है.
मंत्रिमंडल एवं समन्वय विभाग ने इसे लेकर आदेश जारी किया है. साथ ही सभी विभागीय सचिव, प्रमंडलीय आयुक्त और जिलों के उपायुक्तों को पत्र भेजा है.
राजकीय शोक के दौरान जिन भवनों नियमित रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाते हैं, वहां राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे. साथ ही सात सितंबर को सभी कार्यालय बंद रहेंगे.
