नीट पेपर लीक के मुद्दे पर गुरुवार को भी धरना प्रदर्शन औय बयानबाजी का दौर चलता रहा. इन सबके बीच शाम होते-होते दिल्ली में विपक्ष का प्रदर्शन तेज़ हो गया.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी दलों के क़रीब 100 सांसद देर शाम तीस जनवरी मार्ग स्थित गांधी स्मृति पहुंचे. वहां उन्होंने नीट प्रश्नपत्र लीक के बाद जान गंवाने वाले छात्रों और विरोध प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों के लिए प्रार्थना की.
इससे पहले विपक्षी सांसदों की बैठक के लिए पहुंचने के बाद राहुल गांधी के आवास के बाहर बैरिकेड लगाए गए थे. बैठक के तुरंत बाद कांग्रेस नेता ने अपने आवास से एक किलोमीटर से भी कम दूरी पर स्थित गांधी स्मृति जाने की योजना की घोषणा बनाई.
राहुल गांधी ने कहा, “हमारे नेता महात्मा गांधी की यहीं पर हत्या हुई थी. आज मोदी सरकार भारत में लोकतंत्र की हत्या कर रही है. विपक्ष इसे स्वीकार नहीं करने वाला है.”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाना ही होगा.
राहुल गांधी ने कहा कि दरअसल वे इंडिया गेट जाना चाहते थे, लेकिन उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी गई. इसलिए अब वे गांधी स्मृति जाने की कोशिश करेंगे.
राहुल गांधी ने कहा कि ‘हमारे स्टूडेंट्स सड़क पर हैं, तो सारे विपक्ष के सांसदों को लगा कि हमें भी सड़क पर होना चाहिए. इसलिए हम चाहते थे कि सभी सांसद इंडिया गेट जाएं.’
उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “उन्होंने मना कर दिया और हमें रोक दिया. फिर हमने कहा कि हम तीस जनवरी मार्ग जाना चाहते हैं तो इन लोगों ने ये बस लगा दी है और ड्राइवर बस छोड़कर बाहर निकल गया है. इसलिए हम आगे नहीं जा पा रहे.”
