भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और उसके नेताओं अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका के ख़िलाफ़ दिल्ली हाई कोर्ट में 2 करोड़ रुपये का मानहानि मुक़दमा दायर किया है.
लाइव लॉ मुताबिक़, यह मुक़दमा 5 सितंबर को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर सौरव दास और आशुतोष रांका की ओर से किए गए एक पोस्ट को लेकर दायर किया गया है.
भाटिया का आरोप है कि दास और रांका ने उनके किसी वास्तविक बयान की आलोचना या उस पर असहमति जताने तक ख़ुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि उनके नाम से ऐसे बयान को जोड़कर सार्वजनिक किया, जो उन्होंने कभी दिया ही नहीं.
मानहानि याचिका में कहा गया है, “आपत्तिजनक कंटेंट के साथ भाटिया की तस्वीर लगाई गई और उसके बाद एक फ़र्ज़ी बयान प्रकाशित किया गया. इससे लोगों के बीच यह ग़लत संदेश गया कि वह बयान भाटिया ने ही दिया था.”
मुकदमे के अनुसार, जिस पोस्ट पर विवाद है, वह AI से बनाया गया एक ट्वीट है. इसमें गलत तरीके से यह दावा किया गया है कि उन्होंने भारद्वाज को “दिमागी नक्सली” और “जातिवादी” कहा था.
उन्होंने कहा है कि दास और रंका ने न केवल उनके किसी बयान की आलोचना, उस पर टिप्पणी या असहमति जताई, बल्कि जनता के सामने कथित तौर पर गलत तरीके से यह पेश किया कि उन्होंने ऐसे बयान दिए थे, जो असल में उन्होंने कभी दिए ही नहीं थे.
मुक़दमे में सीजेपी और उसके नेताओं पर न्यायपालिका की गरिमा और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाले बयान और पोस्ट लगातार जारी करने का भी आरोप लगाया गया है.
