लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्र और युवा आंदोलन को लेकर कहा कि यह सबसे पहले छात्रों की जीत है, क्योंकि यही देश का भविष्य हैं.
राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए व्यापक सुधारों की ज़रूरत है.
राहुल गांधी ने कहा, “भारत की शिक्षा व्यवस्था कभी देश की शान हुआ करती थी और पूरी दुनिया इसे एक अच्छी व्यवस्था के रूप में देखती थी. पिछले कई सालों से इस पर पर हमला हो रहा है, उसे कमज़ोर किया जा रहा है और निजीकरण की ओर ले जाया जा रहा है. यह आंदोलन उसी के ख़िलाफ़ एक प्रतिक्रिया थी.”
उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का ज़िक्र करते हुए कहा कि वह एक सिंबल हैं.
राहुल गांधी ने कहा, “धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार, शिक्षा व्यवस्था के विनाश और अक्षमता के सिंबल हैं. उनका पद से जाना ज़रूरी था और यह अच्छा हुआ कि वह चले गए.”
राहुल गांधी ने कहा कि अब सरकार को शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के लिए ठोस क़दम उठाने होंगे.
उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर शिक्षा व्यवस्था में दख़ल देने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह एक बड़ा मुद्दा है.
उन्होंने कहा, “अगर इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ज़िम्मेदार हैं, तो आरएसएस भी उतना ही ज़िम्मेदार है.”
