प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत के युवाओं के सामर्थ्य पर उन्हें पूरा भरोसा है. इसी मजबूत आधार के साथ युवाओं को विकसित भारत के निर्माण में योगदान देना है. विकसित भारत की यात्रा में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और युवा जितने मजबूत होंगे, देश उतना ही मजबूत होगा.
उन्होंने कहा, “चिप से लेकर शिप तक सब कुछ यहीं पर आप ही के हाथों से बनेगा.” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को आईआईटी दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए और विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे.
उन्होंने कहा, आज देश के प्रतिभाशाली युवाओं के जीवन की नई यात्रा शुरू हो रही है, उन्होंने कहा कि यह उत्साह, उमंग, सपनों और भावनाओं से भरा जीवन का यादगार पल है. इस पल का हिस्सा बनना और आईआईटी दिल्ली परिसर में विद्यार्थियों के साथ अनुभव साझा करना उनके लिए भी खास है. उन्होंने दीक्षांत समारोह में विभिन्न उपलब्धियां हासिल करने वाले विद्यार्थियों को मेडल मिलने पर बधाई दी.
आत्मनिर्भरता के लिए आगे बढ़ रहा भारत
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आर्थिक आत्मनिर्भरता, तकनीकी आत्मनिर्भरता और औद्योगिक आत्मनिर्भरता समेत विभिन्न क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में काम कर रहा है. उन्होंने सेमीकंडक्टर क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि जब भारत ने इस दिशा में कदम बढ़ाया तो कुछ लोगों ने सवाल उठाए कि देश ऐसा नहीं कर सकता, लेकिन अब पहली सेमीकंडक्टर यूनिट में उत्पादन शुरू हो चुका है.
युवाओं के लिए नए क्षेत्रों में अवसर
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने ऐसे कई सेक्टर खोले हैं, जहां पहले प्रवेश पर रोक थी। आधुनिक सोच के साथ गवर्नेंस में बदलाव लाकर युवाओं के लिए नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की प्रतिभा और ऊर्जा को देश के विकास से जोड़ने के लिए लगातार नए रास्ते बनाए जा रहे हैं.
ओरिएंटेशन से दीक्षांत तक का सफर
पीएम मोदी ने विद्यार्थियों से आईआईटी दिल्ली में अपने पहले दिन को याद करने को कहा. उन्होंने कहा कि आपको लग रहा होगा कि अभी कल ही ओरिएंटेशन हुआ था और अब दीक्षांत समारोह का समय आ गया. ओरिएंटेशन से दीक्षांत तक की यात्रा विद्यार्थियों को संतुष्टि के साथ-साथ जीवन के नए अध्याय की शुरुआत का उत्साह भी दे रही होगी.
हर विद्यार्थी के सपने और रास्ते अलग
प्रधानमंत्री ने कहा कि दीक्षांत समारोह में मौजूद हर विद्यार्थी के मन में आने वाले कल की अपनी तस्वीर होगी. कोई अपनी पहली सैलरी का इंतजार कर रहा होगा, तो कोई नए शहर में नई शुरुआत की तैयारी कर रहा होगा. कुछ विद्यार्थी नए स्टार्टअप का सपना देख रहे होंगे, जबकि कुछ ने अगली प्रतियोगी परीक्षा को अपना लक्ष्य बनाया होगा.
उन्होंने कहा कि हर किसी का रास्ता और सपना अलग है, लेकिन नए अध्याय की शुरुआत को लेकर उत्साह सभी के मन में समान है। उन्होंने विद्यार्थियों से इस पल को पूरी तरह जीने की अपील की और कहा कि भविष्य में जब जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, तो यही यादें उन्हें अतीत की ओर ले जाएंगी.
बदलती दुनिया में सीखने वाला ही आगे बढ़ेगा
पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और कोई नहीं बता सकता कि आज से 20-30 साल बाद परिस्थितियां कैसी होंगी. हालांकि, बदलती दुनिया और तकनीक नए अवसर भी लेकर आएगी। उन्होंने कहा, “जो सीखेगा, वही जीतेगा.” जो लोग नई परिस्थितियों और चुनौतियों के लिए तैयार रहते हैं, वे चुनौतियों को अवसर में बदल देते हैं.
शिक्षकों और संस्थान के प्रति आभार रखें
प्रधानमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में जब भी पीछे मुड़कर देखने का अवसर मिले, तो वे अपने दोस्तों, शिक्षकों, मेंटर्स और सपोर्ट स्टाफ को याद करें, जो उनके लिए परिवार बन गए. उन्होंने कहा कि प्रोफेसरों ने विद्यार्थियों जैसी प्रतिभाओं को गढ़ने की जिम्मेदारी निभाई है और आईआईटी दिल्ली धीरे-धीरे उनका घर बन गया है। सफलता मिलने पर विद्यार्थियों को इन सभी के योगदान और सहयोग के प्रति आभारी रहना चाहिए.
