रांचीः झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर गिरफ्तार पूर्व चेयरमैन एल ख्यांग्ते की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी हो गई है. कोर्ट ने फिलहाल फैसला सुरक्षित रखा है.
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने जमानत याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. अब अदालत 5 सितंबर को इस मामले में फैसला सुनाएगी.
ख्यांग्ते की ओर से कहा गया कि उनके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं है. छापेमारी में उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं. उनकी गिरफ्तारी अवैध हैं. इसलिए जमानत की सुविधा प्रदान की जाए. सीआईडी की ओर से जमानत याचिका का विरोध किया गया. सीआईडी की ओर से अदालत में परीक्षाओं में गड़बड़ो को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए.
झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में गड़बड़ियों की जांच कर रही सीआई की एसआईटी ने पूर्व चेयरमैन एल ख्यांग्ते को पिछले 10 अगस्त को गिरफ्तार किया था.
1988 बैच के आईएएस अधिकारी रहे एल ख्यांग्ते राज्य के मुख्य सचिव भी रहे हैं. उनके रिटायर करने के बाद सरकार ने उन्हें झारखंड लोक सेवा चयन आयोग का चेयरमैन बनाया था.
