रांचीः झारखंड प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष आदित्य प्रसाद साहू और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल राज्य के मुख्य सचिव से मिलकर ज्ञापन सौंपा.
इस ज्ञापन के माध्यम से JPSC-JSSC द्वारा ली गई विभिन्न परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच कराने और झारखंड के विभिन्न थानों में छात्र आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे अविलंब रद्द करने की मांग की गई है.
ज्ञापन में कहा गया है कि जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में हुई धांधली के विरोध में झारखंडी छात्रों ने लगभग एक महीने तक लोकतांत्रिक व शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन किया था.
इस दौरान और उसके बाद छात्रों की आवाज दबाने के लिए राज्य के विभिन्न थानों में एफआईआर दर्ज की गई. भाजपा ने सर्वोच्च न्यायालय के उस आदेश का हवाला दिया है, जिसके तहत देश के विभिन्न राज्यों में छात्र आंदोलन के दौरान किए गए एफआईआर को तत्काल रद्द करने का निर्देश दिया गया है.
पार्टी के नेताओं ने मुख्य़ सचिव को पुतला दहन के दौरान छात्रों की पिटाई के बारे में भी जानकारी दी गई. इसके साथ ही छात्र आंदोलन के दौरान और उसके बाद छात्रों पर राज्य के विभिन्न थानों में दर्ज एफआईआर को अविलंब रद्द करने की मांग रखी गई.
बीजेपी की मांग यह भी है कि आयोग के अध्यक्ष की गिरफ्तारी के बाद समान रूप से दोषी अन्य सदस्यों की भी तुरंत गिरफ्तारी हो और जिन पदाधिकारियों के मातहत कनिष्ठ कर्मचारियों की गिरफ्तारी हुई है, उन पदाधिकारियों पर भी कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया जाए.
भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि युवाओं के हित में इन मांगों को अविलंब पूरा नहीं किया गया, तो पार्टी बाध्य होकर राज्यव्यापी आंदोलन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी झारखंड सरकार की होगी.
मुख्य सचिव से मिलने वालों में पलामू के सांसद वीडी राम, राज्यसभा के सांसद प्रदीप वर्मा, पूर्व सांसद दीपक प्रकाश समेत कई विधायक और पार्टी के पदाधिकारी मौजूद रहे.
