लोहरदगाः शहर के जामा मस्जिद और हजरत बाबा दुखन शाह के मजार शरीफ में मंगलवार देर रात लगभग 2.00 से 2.30 के बीच कथित तौर पर धार्मिक ग्रंथ को नुकसान पहुंचाने, चादर फेंकने के मामले में मुस्लिम समाज के लोगों ने एक युवक को लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया है.
सदर थाना प्रभारी रत्नेश मोहन ठाकुर के अनुसार हिरासत में लिए गए युवक की पहचान हजरत अंसारी का पुत्र नौशाद अंसारी (28 वर्ष) के रूप में हुई है. वह नेपाल के मधेश प्रदेश के सप्तरी जिले के राजविराज क्षेत्र का निवासी बताया गया है.
पुलिस की जांच में यह भी जानकारी मिली है कि बिहार के अररिया जिले में उसका ननिहाल है और मौसा का नाम नौशाद अंसारी है। वह लोहरदगा कैसे पहुंचा और मंगलवार देर रात में मस्जिद परिसर में कैसे प्रवेश किया, पुलिस इसकी छानबीन की जा रही है. हालांकि उसके परिवार के लोगों से पुलिस को पता चला है कि युवक की मानसिक स्थित ठीक नहीं है.
बुधवार सुबह फजर की नमाज के वक्त लोग मस्जिद में आए, तो वहां की तस्वीर देख आवाक रह गए. देखते ही देखती बड़ी भीड़ जुट गई. लोगों में गुस्सा भी देखा गया.
अंजुमन इस्लामिया ने थाने में आवेदन दिया
स बीच अंजुमन इस्लामिया की ओर से सदर थाना पुलिस को एक आवेदन दिया गया है, जिसमें जानकारी दी गई है कि नौ सितंबर की सुबह घटना की जानकारी मिलने पर समाज के लोग जामा मस्जिद पहुंचे. वहां एक युवक को लोग पकड़ कर रखे हुए थे. आरोप है कि युवक ने जामा मस्जिद और मजार शरीफ में प्रवेश कर तोड़फोड़ की तथा धार्मिक ग्रंथ को फाड़ने और जलाने का प्रयास किया. मजार पर चढ़ाई गई चादर को भी इधर-उधर फेंकने की बात आवेदन में कही गई है. पकड़े जाने के बाद युवक से पूछताछ करने पर उसने आगे भी तोड़फोड़ करने की बात कही.
इस बीच जामा मस्जिद के सामने बुधवार सुबह 11.30 से लेकर एक बजे के बीच सड़क पर उतरकर मुस्लिम समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया. समाज के लोगों का कहना था कि युवक के व्यवहार, कृत और उसके बयान से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि उसे किसी विशेष साजिश के तहत संयोजित तरीके से इस कार्य को अंजाम करने देने के लिए किसी गिरोह द्वारा यहां भेजा गया था. पुलिस मौके पर पहुंची. और लोगों से बातचीत को स्थिति को संभाला.
युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं
पुलिस के एक अन्य अधिकारी के मुताबिक युवक के परिवार वालों से पूछताछ में उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने की बात सामने आई है. हालांकि घटना के पीछे किसी साजिश या अन्य व्यक्ति की भूमिका से जुड़े आरोपों की भी पुलिस जांच करेगी. अंजुमन इस्लामिया के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. पुलिस युवक की मानसिक स्थिति की भी जांच कराएगी. घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस सतर्कता बढ़ा दी गई है
