गोड्डाः बिहार एसटीएफ ने और झारखंड के गोड्डा जिले की पुलिस के सहयोग से महगामा थाना क्षेत्र के घाट बलिया गांव में एक बड़ी अवैध मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है.
यह छापेमारी गांव के पवन कुमार तुरी के घर पर की गयी. पवन कुमार तुरी आरटीआई एक्टिविस्ट और सोशल मीडिया यू-ट्यूबर बताया जा रहा है.
संयुक्त पुलिस टीम ने मकान से हथियार, कारतूस और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीनें बरामद की हैं.
बिहार एसटीएफ का दावा है कि, यह झारखंड-बिहार में अब तक की बड़ी मिनी गन फैक्ट्रियों में से एक है.
एसटीएफ अधिकारियों के साथ महगामा एसडीपीओ वरुण रजक के नेतृत्व में महगामा, हनवारा, ललमटिया, बोआरीजोर और मेहरमा थाना की पुलिस ने छापेमारी में सहयोग किया.

जेसीबी से तोड़ा गया कमरा
पुलिस टीम ने करीब चार घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान पवन के घर में बने एक गुप्त कमरे का पता लगाया.
बताया गया कि कमरे तक पहुंचने के लिए जेसीबी से दीवार तोड़ी गई. इसके बाद वहां से एक लोडेड राइफल, जिंदा कारतूस, पिस्टल, कई अर्धनिर्मित पिस्टल, कट्टा बनाने के लिए तैयार लोहे के फ्रेम, फरमा, लेथ और ड्रिल मशीन समेत अन्य सामान बरामद किया गया.
पिकअप वैन में ले जाना पड़ा
बरामद सामान को थाने तक ले जाने के लिए ट्रैक्टर और पिकअप वाहन का इस्तेमाल करना पड़ा. महगामा एसडीपीओ वरुण रजक के नेतृत्व में छह थानों की पुलिस ने यह कार्रवाई की. स्थानीय लोगों के अनुसार, पवन के घर में अक्सर तेज आवाज में फिल्मी गाने बजाए जाते थे.
इसी शोर की आड़ में मशीनों से हथियार तैयार किए जाते थे. ग्रामीणों का यह भी कहना है कि पवन लोगों को घर में लगी मशीन को पत्तल बनाने की मशीन बताता था और सामाजिक आयोजनों में पत्तल बांटकर अपनी छवि बनाए रखता था.
छापेमारी के बाद पवन तुरी की पत्नी, मां और पिता को पूछताछ के लिए महगामा थाना ले जाया गया. हालांकि पवन तुरी पहले ही फरार हो गया है.
फरार आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है.
चार-पांच वर्षों से संचालन का दावा
एसटीएफ के मुताबिक, घाट बलिया में यह मिनी गन फैक्ट्री करीब चार-पांच वर्षों से संचालित होने की बात सामने आयी है. एसटीएफ के अनुसार यहां से हथियारों की सप्लाई बिहार के भागलपुर, मुंगेर, बेगूसराय, लखीसराय और पटना के अलावा गंगा पार के क्षेत्रों तक होने की जानकारी मिली है.
