रांचीः झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएसी) की परीक्षाओं में गड़बड़ियों के मामले में राज्य सरकार की ओर से मंगलवार को सीआईडी जांच से जुड़ी स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में हाईकोर्ट को सौंप दी गई है.
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की जांच की रफ्तार पर गंभीर चिंता जताई है. साथ ही कोर्ट ने सख्त रुख दिखाया.
जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने स्पष्ट किया कि यह मामला 2500 से ज्यादा अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ा है, इसलिए जांच केवल तेज नहीं, बल्कि लगातार प्रभावी गति से आगे बढ़नी चाहिए.
अदालत ने मौखिक तौर पर टिप्पणी की, “बिना ठोस कारण के एक दिन में 2500 से अधिक नियुक्ति रद्द करना तुगलकी फरमान जैसा है.”
जबकि इस मामले में सरकार की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए पिछली सुनवाई में समय लिया गया था, लेकिन जवाब दाखिल नहीं किया गया.
अदालत ने यह भी साफ किया कि फिलहाल उसका मुख्य उद्देश्य सरकार की उस अधिसूचना की वैधता या अवैधता की जांच करना है, जिसके तहत भर्ती विज्ञापन रद्द होने के बाद नियुक्तियां प्रभावित हुई हैं.
रिकॉर्ड पर रखा गया
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने आपराधिक जांच की प्रगति रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में अदालत के समक्ष प्रस्तुत की. कोर्ट ने रिपोर्ट खोलकर उसका अवलोकन किया और फिर उसे दोबारा सील कर रिकॉर्ड पर रख लिया.
इस दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि जांच से जुड़ी इस रिपोर्ट की प्रति याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं को साझा नहीं की जाएगी.
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर को तय की है
जस्टिस दीपक रोशन ने सीलबंद रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि शुरुआती दौर में जांच की प्रगति काफी तेज थी, लेकिन बाद में उसकी रफ्तार कम होती दिखाई देती है.
अदालत ने कहा कि ऐसे गंभीर मामलों में जांच एजेंसियों को लगातार अच्छी गति से काम करना चाहिए, ताकि सच्चाई जल्द सामने आ सके और प्रभावित अभ्यर्थियों को अनिश्चितता का सामना न करना पड़े.
समय देने का आग्रह
राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा और महाधिवक्ता रोहितश्य रॉय ने दलील दी कि मामले में आपराधिक जांच जारी है, इसलिए जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए कम से कम चार सप्ताह का समय दिया जाए.
दो दिनों का समय , सुनवाई 18 को
राज्य सरकार के द्वारा जेएसएससी- सीजीएल नियुक्ति रद करने के आदेश पर झारखंड हाईकोर्ट की रोक फिलहाल जारी रहेगी. इस मामले में अगली सुनवाई 18 सितंबर को होगी.
इसके अलावा 11वीं से 13वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा, सीडीपीओ और फूड सेफ्टी अफसर (FSO) भर्ती विज्ञापनों को रद्द करने संबंधी अधिसूचना पर लगी रोक को भी बरकरार रखा है.
इन मामलों में भी कोर्ट ने अगली सुनवाई 18 सितंबर को निर्धारित को निर्धारित की है.
जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा गया. कोर्ट ने स्पष्ट कहा, “चार हफ्ते का समय नहीं दे सकते. आपने सामूहिक रूप से नियुक्तियां रद्द कर दी हैं, यह अनुचित है.”
