रांचीः विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर उनके केस- मुकदमे और राज्य में होते कई घोटाले को लेकर निशाना साधा है.
इसके साथ ही तंज कसा है कि सत्ता हमेशा नहीं रहती. लालू प्रसाद यादव और ममता बनर्जी की परिस्थितियों से सीख लीजिए. न तो आप लालू यादव जितने प्रभावी रहे हैं और न ही ममता बनर्जी जितनी दमदार. फिर भी देखिए, आज इन लोगों की क्या हालत हो गई है.
नेता प्रतिपक्ष ने एक्स पर सीएम से कहा है, “कभी शांत मन से चिंतन कीजिए कि आपके शासन में व्यवस्था किस स्तर तक पहुँच गई है. जमीन से जुड़े मामले में आपके विरुद्ध आरोप गठित हो चुका है. ईडी अधिकारियों पर केस लगाने के मामले में जवाब न देने पर हाईकोर्ट आप पर ₹10 हजार का जुर्माना लगा चुका है.”
शराब घोटाले और भर्तियों में गड़बड़ी
मरांडी ने कहा है कि शराब घोटाला मामले में सरकार की ही जांच एजेंसी कोर्ट में यह कह चुकी है कि नीति में बदलाव के लिए अधिकारी ने रिश्वत ली. पत्थर घोटाले में सीबीआई जांच का आदेश देते हुए कोर्ट ने कहा कि मुख्य आरोपी ने सरकार के प्रभाव का इस्तेमाल किया. पेपर लीक मामले में छात्रों को ही माफिया बताया जाता रहा, लेकिन अब सरकार के नजदीक रहने वालों पर कानूनी का शिकंजा कस रहा है.
समय रहते चेत जाएं
नेता प्रतिपक्ष ने सीएम से कहा, “अगर सरकार चाहती तो अपने विश्वस्त लोगों और करीबी अधिकारियों को भ्रष्टाचार से रोक सकती थी. लेकिन सवाल यह है कि आपने ऐसा क्यों नहीं किया? आपके कार्यकाल में कितने अधिकारियों का करियर दांव पर लगा, कितनी संस्थाओं की विश्वसनीयता प्रभावित हुई और जनता का व्यवस्था से भरोसा कितना कमजोर हुआ? इसलिए समय रहते चेतिए, सबक लीजिए और व्यवस्था को सुधारिए. पावर में रहते हुए अहंकार बहुत आसान लगता है, लेकिन पावर से बेदखल होने के बाद वही अहंकार सबसे बड़ा बोझ बन जाता है.”
