खूंटी पुलिस ने आरसी बालक मध्य विद्यालय, खूंटी के प्रिंसिपल फादर बेनेदिक्त बारला पर हुए जानलेवा हमले की गुत्थी 56 घंटे के अंदर सुलझा लेने का दावा किया है. इस मामले में पुलिस ने स्कूल के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर चुके तीन नाबालिगों को निरुद्ध किया है. इनकी उम्र 13 से 15 वर्ष है. वारदात में शामिल चौथे आरोपी की गिरफ्तारी अभी बाकी है.
फादर पर हमला करने वाले चारों बच्चे खूंटी जिले के अलग-अलग क्षेत्रों के आदिवासी बच्चे हैं और सभी इसी स्कूल से सातवीं कक्षा पास कर चुके हैं।
खूंटी के एसपी ऋषभ गर्ग ने शुक्रवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरे मामले की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि घटना के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एसआईटी का गठन किया था. तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने मामले का खुलासा किया. पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 85,747 रुपए नकद, उनके मोबाइल फोन चोरी के पैसों से खरीदे गए कई सामान बरामद किए हैं.
एसपी ने बताया कि चारों आरोपी इसी स्कूल से सातवीं कक्षा पास कर चुके हैं। पूर्व में हॉस्टल में रहने के दौरान भी उनके द्वारा छोटी-मोटी चोरी की घटनाओं को अंजाम दिए जाने की जानकारी मिली है। हालांकि, उन घटनाओं में चोरी की रकम करीब दो से तीन हजार रुपए होने के कारण स्कूल प्रबंधन को इसका पता नहीं चल पाया था.

फादर से हो गया सामना
एसपी ऋषभ गर्ग ने बताया कि 20 अक्टूबर की रात करीब 8:30 बजे चार नाबालिग कब्रिस्तान की ओर से आरसी बालक मध्य विद्यालय, खूंटी पहुंचे थे. उनका मकसद मेला घूमने के लिए पैसे चुराना था. इसी दौरान स्कूल के प्रिंसिपल फादर बेनेदिक्त बारला किसी काम से वहां पहुंच गए. स्कूल के पूर्ववर्ती छात्र होने के कारण आरोपी परिसर और वहां की व्यवस्था से परिचित थे.
फादर के अचानक पहुंचने के बाद उनका आरोपियों से सामना हो गया। इसी दौरान विवाद हुआ और एक नाबालिग ने छोटे कुदाल जैसे हथियार से फादर के माथे और कनपटी पर वार कर दिया. हमले में फादर घायल होकर गिर पड़े. इसके बाद आरोपी स्कूल के ऑफिस से सामान चोरी कर वहां से निकल गए. पुलिस के अनुसार, पूरी वारदात को करीब आधे घंटे के अंदर अंजाम दिया गया.
घटना के बाद फादर बेनेदिक्त बारला को इलाज के लिए पहले खूंटी सदर अस्पताल और फिर रांची के पल्स हॉस्पिटल भेजा गया.
स्टेडियम में बिताई रात, गांजा, शराब का सेवन
एसपी के मुताबिक, घटना को अंजाम देने के बाद चारों नाबालिगों ने रात खूंटी के एक स्टेडियम में बिताई. इस दौरान उनके द्वारा 8 पीएम ब्रांड की शराब पीने की बात भी सामने आई है. पुलिस को इससे पहले उनके गांजा पीने के भी प्रमाण मिले हैं.
चोरी के बाद आरोपियों ने नकदी का इस्तेमाल कर ऑनलाइन और ऑफलाइन कई सामान खरीदे. शेष पैसों को अलग-अलग जगहों पर छिपा दिया. कुछ पैसे पंचघाघ के जंगल में, कुछ अपने घर के आंगन में और कुछ अन्य स्थानों पर जमीन खोदकर गाड़ दिए गए थे. पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर इन जगहों से नकदी और अन्य सामान बरामद किए.
