रांची: रांची कोतवाली थाना के ठीक पीछे बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया. पुरानी और जर्जर जलमीनार को तोड़ने के दौरान वह भरभराकर गिर पड़ी. इस दर्दनाक हादसे में मलबे के नीचे दबने से दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गयी.
मृतकों की पहचान सत्या भुइयां और मैथिलीशरण महतो के रूप में हुई है. दोनों मजदूर पलामू के रहने वाले थे. घटना के बाद अफरातफरी मच गई.
जानकारी के अनुसार पुरानी पानी की टंकी को हटा कर नयी टंकी का निर्माण कराया जाना था. इसी सिलसिले में बुधवार को मजदूर पुरानी संरचना को ढहाने के काम में जुटे हुए थे. इस काम में चार मजदूर लगे थे.
इसी बीच दोपहर में जर्जर जलमीनार का मुख्य ढांचा अनियंत्रित होकर नीचे आ गिरा. वहां काम कर रहे मजदूर संभल पाते, इससे पहले ही वे भारी-भरकम मलबे के नीचे दब गये.
जलमीनार गिरते ही जोर की आवाज हुई, जिसे सुनकर आसपास के लोग बदहवास होकर उधर दौड़े. घटना की सूचना तुरंत स्थानीय कोतवाली थाना को दी गयी. जानकारी मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम दलबल के साथ मौके पर पहुंची और आनन-फानन में राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया गया.
भारी मलबे को हटा कर नीचे दबे मजदूरों को बाहर निकालने की कवायद शुरू हुई, लेकिन तब तक दो मजदूरों की सांसें थम चुकी थीं. पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर आगे की कागजी कार्रवाई शुरू कर दी है.
रात होने और बारिश होने के कारण रेस्क्यू टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी. पुलिस की टीम के अलावा रांची नगर निगम के भी कई मजदूर लगे हुए थे. शवों को खोजने के लिए मोबाइल की लाइट से कई लोग लगे हुए थे.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इतनी ऊंची और जर्जर संरचना को गिराने के दौरान सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गये थे. मजदूरों के पास जरूरी सुरक्षा उपकरण तक मौजूद नहीं थे.
फिलहाल पुलिस की मौजूदगी में क्रेन और जेसीबी के जरिए मलबा हटाने का काम जारी है. सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने पूरे घटनास्थल की घेराबंदी कर दी है, ताकि आम लोगों की आवाजाही को रोका जा सके.
कोतवाली थाना पुलिस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है. जांच की जा रही है कि कार्य में किस स्तर पर लापरवाही हुई थी.
