दिल्ली हाई कोर्ट ने न्यूज वेबसाइट न्यूज़क्लिक और उसके संस्थापक और प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ के ख़िलाफ़ दिल्ली पुलिस की एफ़आईआर और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की मनी लॉन्ड्रिंग जाँच को रद्द कर दिया है.
लाइव लॉ और बार एंड बेंच के मुताबिक़, फ़ैसला सुनाते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि ‘यह कार्रवाई स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता के ख़िलाफ़ शक्तियों के दुरुपयोग का मामला है.’
न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा ने यह फ़ैसला 29 मई को दिया था लेकिन यह 10 जून को अपलोड हुआ. इस फ़ैसले में कोर्ट ने आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की एफ़आईआर और उसके आधार पर शुरू की गई पीएमएलए की कार्रवाई को रद्द कर दिया.
अदालत ने कहा, “मौजूदा कार्यवाही न केवल दुर्भावनापूर्ण है, बल्कि याचिकाकर्ताओं की स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता के ख़िलाफ़ शक्तियों का मनमाना हमला और दुरुपयोग भी है.”
बार एंड बेंच के मुताबिक़, न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा ने अपने आदेश में कहा कि मामले में लगाए गए आरोपों के समर्थन में अपराध के आवश्यक तत्व नहीं पाए गए.
अदालत ने कहा कि ईडी ने करीब डेढ़ साल तक व्यापक जांच की, लेकिन अब तक ऐसा कोई भी आपत्तिजनक तथ्य सामने नहीं आया जो मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 4 के तहत अपराध होने का संकेत भी देता हो.
