रांचीः जेएसएससी-सीजीएल समेत चार परीक्षाओं और नियुक्तियों को सरकार के द्वारा रद्द करने के फैसले को झारखंड हाईकोर्ट से रोक के बाद सरकार के रवैये के खिलाफ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने के दौरान शुक्रवार को रांची में हुए हंगामे और मारपीट के मामले को लेकर कोतवाली थाना में तीन एफआईआर दर्ज करवाई गई है.
इन मामलों में कुल 14 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है, जबकि करीब 200 अन्य लोगों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है.
इनमें कई अज्ञात लोग भी शामिल हैं. पुलिस के अनुसार, पूरा मामला जेपीएससी-जेएसएससी रिफार्म मंच के बैनर तले आयोजित मुख्यमंत्री के पुतला दहन कार्यक्रम से जुड़ा है.
शुक्रवार को पुतला दहन के दौरान जमकर झड़प हुई थी. इन घटनाओं को लेकर रांची के कोतवाली थाना में तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई गयी है. इनमें दो शिकायतें अंकिता वर्मा और शाहबाज की ओर से, जबकि तीसरी प्राथमिकी एक मजिस्ट्रेट की ओर से दर्ज कराई गयी है.
पुलिस के अनुसार, तीनों मामलों में कुल 14 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि कई अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है.
फिलहाल, पुलिस तीनों मामलों की जांच कर रही है। जांच के बाद मामले में अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कुणाल सिंह और रविंद्र पासवान पर भी
पुलिस के अनुसार, तीनों प्राथमिकी को मिलाकर कुल 14 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है. इसके अलावा कई अज्ञात लोगों को भी प्राथमिकी में आरोपी बनाया गया है.
दर्ज प्राथमिकी में कुणाल कुमार, पीयूष, रविंद्र पासवान, चंडी तिवारी, चितरंजन कुमार, सौरव, वीरेंद्र प्रताप और सुमित शर्मा समेत अन्य लोगों के नाम शामिल हैं.
इस घटना के बाद मामले को लेकर अंकिता वर्मा और शाहबाज की ओर से अलग-अलग शिकायतें दी गईं. दोनों ने आरोप लगाया कि पुतला दहन कर रहे छात्रों की ओर से उनके साथ मारपीट की गई. इन्हीं शिकायतों के आधार पर कोतवाली थाना में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है. इसके अलावा घटनाक्रम को लेकर एक मजिस्ट्रेट की ओर से भी प्राथमिकी दर्ज कराई गई है.
छात्र संगठनों में आक्रोश
पुलिस की कार्रवाई के बाद जेपीएससी-जेएसएससी रिफार्म मंच और अन्य छात्र संगठनों में आक्रोश देखा जा रहा है. आंदोलन से जुड़े छात्रों का कहना है कि वे परीक्षाओं, नियुक्तियों और रोजगार से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ दोनों आयोगों में सुधार की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे थे. छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बल प्रयोग कर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की है.
उन्होंने कहा कि प्राथमिकी दर्ज होने और पुलिस कार्रवाई से उनका आंदोलन कमजोर नहीं होगा. छात्र नेताओं ने आने वाले दिनों में रोजगार और आयोगों में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन को और तेज करने की बात कही है.
रांची में पुलिस से टकराव
शुक्रवार की शाम रांची के मोराबादी मैदान में छात्रों का जत्था पुतला जलाने जमा हो रहे थे. उससे पहले ही बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई थी.
इसी दौरान पुलिस ने उन्हें रोका. दोनों तरफ से बहस हो गई. और तनातनी का माहैल बन गया. छात्र नेता कुणाल सिंह से भी पुलिस की बहस होती रही.
छात्र पुतला जलाने के लिए मोराबादी मैदान से कचहरी चौक होते हुए अलबर्ट एक्का चौक की ओर बढ़ रहे थे.
छात्रों का जत्था कचहरी चौक होते हुए जेपीएसससी कार्यालय के पास पहुंचा. यहां प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस की नोंकझोक हुई.
पुलिस ने लाइन टैंक रोड से जुलूस को स्टेट लाइब्रेरी की ओर मोड़ दिया. स्टेट लाइब्रेरी के पास आठ-दस युवक अचानक भीड़ में घुस गए और मंच के सदस्यों के हाथों से पुतला छीनकर भागने लगे.
जेपीएससी-जेएसएसी रिफॉर्म मंच का आरोप है कि झामुमो वालों ने पुतला छीना. सदर अस्पताल परिसर में भी उस वक्त अफरातफरी मच गई जब कई घायल छात्रों के समर्थन में युवा वहां जुट गए. पुलिस ने वहां से उन्हें खदेड़ा.
कई छात्रों का आरोप है कि एक महिला अभ्यर्थी के हाथ से पुतला छीनकर भागने की कोशिश की गई. कथित तौर पर महिला अभ्यर्थी का दुपट्टा खींचने का भी प्रयास किया गया.
