सरायकेलाः सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना परिसर में युवती के साथ दुष्कर्म के मामले में नया खुलासा हुआ है. मेडिकल जांच और दस्तावेजों की पड़ताल में पीड़िता के नाबालिग होने की पुष्टि हुई है. इसके बाद आरोपी पुलिसकर्मियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं.
अब मुख्य आरोपित सिपाही समेत अन्य संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा रही है. पुलिस ने इस मामले में पीड़िता के कथित पति शंकर दास को गिरफ्तार किया है.
इस पूरे मामले में पीड़िता की पहचान उसके परिजनों ने मीडिया में प्रकाशित तस्वीरों के जरिए की. ओडिशा के मयूरभंज और बड़बिल क्षेत्र में रहने वाले परिजनों को जब इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने एक मानवाधिकार दल की मदद से गम्हरिया पहुंचकर पुलिस से संपर्क किया. परिजनों ने बताया कि पीड़िता पिछले करीब छह महीने से लापता थी.
परिजनों के अनुसार, शंकर दास नाम का युवक उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले आया था और पत्नी बनाकर रख रहा था. परिजनों की लिखित शिकायत पर पुलिस ने शंकर दास को गिरफ्तार कर लिया. पीड़िता को भगाकर ले जाने और उससे अवैध संबंध बनाने के आरोप में उसके खिलाफ भी पॉक्सो एक्ट की कार्रवाई की जा रही है.
29 अक्टूबर की रात की घटना
गौरतलब है कि 29 अक्टूबर की रात पीड़िता पता से कहासुनी के बाद गम्हरिया थाना सुरक्षा मांगने पहुंची थी. आरोप है कि रात में थाना परिसर में ही एक कमरे में उसके साथ एक पुलिसकर्मी ने दुष्कर्म किया. 30 अक्टूबर की सुबह उसे सात सौ रुपये देकर मायके जाने को कहा गया,. महिला ने पति को घटना की जानकारी दी. इसके बाद 31 अक्टूबर को उसने पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी.
सरायकेला-खरसावां के एसपी मनोज स्वर्गीयारी ने गंभीरता से लेते हुए 15 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है. साथ ही गम्हरिया थाना में तैनात ओडी अधिकारी एक सब इंस्पेक्टर के अलावा मुंशी और दुष्कर्म के आरोपी नीरज लकड़ा को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है.
इससे पहले रविवार को एसपी खुद गम्हरिया थाना पहुंचे. उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ बैठक कर अब तक हुई जांच की समीक्षा की.
एसपी ने बताया है, नौ पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई इसलिए की गई, क्योंकि उन्होंने अनुशासनहीनता बरती और घटना की जानकारी समय पर अपने वरीय अधिकारियों को नहीं दी.
