गढ़वाः झारखंड के गढ़वा जिले में खरौंधी कस्तूरबा विद्यालय की दो पूर्णकालिक टीचर के साथ दो वार्डन और रसोईया को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है.
पिछले शुक्रवार को स्कूल की कम से कम 100 छात्राओं की तबीयत बिगड़ने के बाद उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने जांच बैठायी थी. जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उन्होंने यह कार्रवाई की है.
इससे पहले शनिवार को उपायुक्त ने स्कूल का जायजा लेने के बाद अस्पताल में इलाजरत छात्राओं से मुलकात कर घटना की जानकारी ली थी.
साथ ही 24 घंटे में प्रतिवेदन सौंपने के निर्देश के साथ संयुक्त जांच दल का गठन किया गया है.
उपायुक्त ने कहा है कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जांच में दोषी पाए जाने के बाद कुल पांच लोगों को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है.
फूड पॉइज़निंग की शिकार कई छात्राओं की तबीयत में सुधार के बाद उन्हें अस्पताल से मुक्त भी कर दिया गया है.
100 लड़कियां बीमार पड़ीं
शुक्रवार को फूड प्वाइजनिंग की शिकार कस्तूरबा की कम से कम 100 छात्राओं की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इलाज के बाद सभी की सेहत में सुधार है और अधिकतर को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है.
इलाक़े में एहतियातन मुहर्रम की वजह से बिजली आपूर्ति रोक दी गई थी. ताजिए में तार लगने से करंट की घटनाओं को देखते हुए इलाक़े में ऐसा किया गया था.
अभिभावकों का आरोप है कि बिजली आपूर्ति न होने के कारण हॉस्टल में पानी की सुविधा भी ठप हो गई, ऐसे में छात्राओं को हॉस्टल की छत पर लगी प्लास्टिक की टंकी का बेहद गर्म पानी पीना पड़ा.
उसी पानी से भोजन पकाया गया. इसके बाद छात्राओं की तबायत बिगड़ने लगी.
शाम सात बजे बच्चियों के बीमार होने की जानकारी मिलने के बाद वे कई अभिभावक स्कूल पहुंचे, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया. इसके बाद पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्कूल का गेट खुलवाया. आननन-फानन में बीमार छात्राओं को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया.
