कोडरमाः झारखंड में कोडरमा जिले में एक नाबालिग लड़की की ऑनर किलिंग के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय राकेश चंद्रा की अदालत ने सोमवार को अहम फैसला सुनाया. अदालत ने मृतका के भाई ज्योतिष पांडेय (20) को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. साथ ही उस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया.
वहीं, साक्ष्य छिपाने में सहयोग करने के दोषी करार पिता मदन पांडेय (70) को तीन वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई.
ज्योतिष पांडेय मरकच्चो थाना अंतर्गत भगवतीडीह के रहने वाले हैं. उन्हें अपनी बहन की हत्या का दोषी पाया गया है.
मामला फरवरी 2025 का है. घटना के बाद मृतका के भाई नीतीश पांडेय ने मरकच्चो थाना में आवेदन देकर आरोप लगाया था कि उसकी बहन निभा पांडेय को कोई युवक बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है.
पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू की, लेकिन अनुसंधान के दौरान मामला पूरी तरह अलग निकला. जांच में सामने आया कि युवती की हत्या परिवार के भीतर ही हुई थी.
इसके बाद मामले की दिशा बदल गई और पुलिस ने वैज्ञानिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया.
पुलिस ने साक्ष्य जुटाए
जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए. पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद शव को छिपाने और अपराध के साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया गया था. जांच के क्रम में पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की और मामले से जुड़े साक्ष्य एकत्र किए. पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार भी किया था.
इसके बाद पुलिस ने आवश्यक साक्ष्यों के साथ आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया, जहां मामले की नियमित सुनवाई शुरू हुई.
अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक प्रवीण कुमार सिंह ने मामले की पैरवी की. उन्होंने न्यायालय के समक्ष उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयान और जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की. वहीं, बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अनवर हुसैन ने अपने मुवक्किलों के पक्ष में दलीलें पेश कीं और आरोपों का प्रतिवाद किया.
अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद दोषी करार युवक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई.
