रांचीः झारखंड राज्य की नियुक्ति प्रक्रिया में व्याप्त धांधली एवं अनियमितताओं के खिलाफ छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा 18वें दिन रांची स्थित बिरसा मुंडा समाधि स्थल पर संपन्न हुई.
इससे पहले मोराबादी बापू वाटिका से बड़ी संख्या में छात्रों, युवाओं के साथ उनकी पदयात्रा निकली. यह यात्रा रेडियम रोड होते हुए अल्बर्ट एक्का चौक पहुंची, जहां परमवीर चक्र विजेता शहीद अल्बर्ट एक्का का नमन किया गया. अलबर्ट एक्का चौक से पदयात्रा आगे बढ़ते हुए कोकर स्थित बिरसा मुंडा समाधि स्थल पहुंची, जहां श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद राज्यव्यापी भर्ती सुधार यात्रा का विधिवत समापन किया गया.
बापू वाटिका से पद यात्रा
अल्बर्ट एक्का चौक पर सभा को संबोधित करते हुए देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि “छात्रों की यात्रा संपन्न हुई है, आंदोलन नहीं. राज्य सरकार को अपने वादे के अनुरूप नियुक्ति परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं से जुड़े तमाम साक्ष्यों के मजबूती के साथ न्यायालय के समक्ष रखना चाहिए. साथ ही सरकार को सीबीआई जांच की अनुशंसा करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच सुनिश्चित करनी चाहिए. ”
उन्होंने कहा कि छात्रों ने पूरे राज्य का भ्रमण कर जनता और अभ्यर्थियों के बीच भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांग को मजबूती से उठाया है. सरकार को अब छात्रों की आवाज को गंभीरता से लेते हुए ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।
सभी जिलों की यात्रा
भर्ती सुधार यात्रा के तहत देवेंद्र नाथ महतो ने राज्य के सभी जिलों का दौरा कर पद यात्रा निकाली है. इसमें उन्हें युवाओं का खासा समर्थन भी मिला. महतो के नेतृत्व में निकाली गई इस यात्रा का उद्देश्य राज्य के प्रत्येक जिले में अध्ययनरत छात्रों एवं अभ्यर्थियों की समस्याओं को जमीनी स्तर पर समझना और उनके विचारों व सुझावों को संकलित करना रहा है. उन्होंने कहा कि यात्रा के माध्यम से राज्य सरकार की युवा विरोधी नीतियों तथा भर्ती व्यवस्था में व्याप्त अनियमितताओं को पूरे राज्य में उजागर किया गया है.
उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राज्य के छात्रों और अभ्यर्थियों की आवाज को सरकार तक पहुंचाने का व्यापक अभियान है. छात्रों में भर्ती प्रक्रियाओं में सुधार को लेकर बड़े बेचैनी है. यह आंदोलन सकारात्मक है और इसके परिणाम भी जरूर निकलेंगे.
नेमरा से शुरू हुई थी यात्रा
सरकारी नियुक्तियों में गड़बड़ियों, परीक्षाओं में अराजकता, और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ के विरोध में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जन्मस्थली नेमरा से शुरू हुई इस यात्रा के दौरान झारखंड के सभी 24 जिलों का भ्रमण कर अभ्यर्थियों एवं आम जनता के बीच जागरूकता अभियान चलाया गया. देवेंद्र का दावा है कि इस अभियान को राज्य भर में युवाओं और छात्रों का बड़ा समर्थन मिला है.
