रांचीः झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने झारखंड राज्य सूचना आयोग में सूचना आयुक्त के पद पर वरिष्ठ पत्रकार और लेखक अनुज कुमार सिन्हा के अलावा डॉ तनुज खत्री, अमूल्य नीरज खलखो और शिवपूजन पाठक की नियुक्ति के संबंध में राज्य सरकार द्वारा भेजे गए प्रस्ताव पर बुधवार को सशर्त अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है.
राज्यपाल की स्वीकृति के बाद राज्य सरकार द्वारा जल्द ही अधिसूचना जारी कर दी जाएगी.
हलांकि, राज्यपाल द्वारा उक्त नियुक्तियां कुछ शर्तों के साथ अनुमोदित की गई हैं. उन्होंने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि झारखंड राज्य सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति जल्द सुनिश्चित की जाए जिससे कि आयोग का काम सुचारु और प्रभावी ढंग से संचालित हो सके.
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि सूचना आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया में अगर कोई प्रक्रियागत गलती पाई जाती है या इस संबंध में उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुपालन से संबंधित कोई प्रश्न उत्पन्न होता है, तो उसकी पूरी जवाबदेही राज्य सरकार की होगी.
पहले दो बार लौटाई गई थी फाइल
राज्यपाल ने इससे पूर्व सूचना आयुक्त की नियुक्ति से संबंधित दो बार संचिका (फाइल) राज्य सरकार को वापस कर दी थी.
पहली बार फाइल तीन सदस्यों को राजनीतिक दल से संबद्ध रखने की बात पर वापस की गई थी.
सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए दूसरी बार संचिका राज्यपाल के पास भेजी. शिपूजन पाठक भाजपा के मीडिया प्रभारी रह चुके हैं. जबकि अमूल्य नीरज खलखो कांग्रेस और तनुज खत्री झामुमो से जुड़े है. इस बात को लेकर कई लोगों ने राज्यपाल को आवेदन दिया था.
इस पर राज्य सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट करे हुए राज्यपाल को फाइल भेजी गई.
लेकिन राज्यपाल ने फिर से कुछ सदस्यों पर मामला दर्ज रहने की जानकारी को स्पष्ट करते हुए संचिका वापस कर दी थी.
राज्यपाल के पास सूचना अधिकार एक्ट व सुप्रीम कोर्ट के उल्लंघन का हवाला देकर सदस्यों की नियुक्ति प्रक्रिया रोकने के लिए कई आरटीआई एक्टिविस्ट और संगठनों ने ज्ञापन भी दिया था.
