रांचीः झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव में एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी के नामांकन को वैध पाया गया है.
निर्वाचन पदाधिकारी ने नथवानी के नामांकन पर लगा होल्ड हटा लिया है.
निर्वाचन पदाधिकारी ने लगभग चार घंटे तक सभी पक्षों की दलीलों को सुनने और दस्तावेजों को देखने के बाद नथवाणी के नामांकन पत्र को पूरी तरह वैध करार दिया है.
निर्वाचन पदाधिकारी ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि उम्मीदवार परिमल नाथवानी संविधान के अनुच्छेद 102 या जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धाराओं के तहत किसी भी प्रकार से अयोग्य नहीं हैं. धारा 36(4) के तहत किसी भी गैर-महत्वपूर्ण या तकनीकी कमी के आधार पर पर्चा खारिज नहीं किया जा सकता.
अतः सभी आपत्तियों को निरस्त करते हुए नाथवानी का नामांकन पत्र वैध पाया जाता है और इसे सहर्ष स्वीकार किया जाता है.
नथवाणी का नामांकन वैध पाए जाने के बाद अब दो सीटों के लिए तीन उम्मीदवार होंगे. जाहिर तौर पर तीनों को चुनाव का सामना करना होगा.
नामांकन को लेकर मचे विवाद और संशय खत्म होने और नथवानी का नामांकन वैध पाए जाने के बाद एनडीए खेमा गदगद है. दूसरी तरफ सत्तारूढ़ कांग्रेस के माथे पर बल पड़े हैं.
एनडीए के 24 विधायकों ने परिमल नथवानी का समर्थन किया है. जीत के लिए उन्हें और चार वोट हासिल करने हैं.
होल्ड पर रखा गया था
एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी के नामांकन पत्र को स्क्रूटनी (जांच) के दौरान तकनीकी गड़बड़ियों के कारण होल्ड पर रखा गया था.
उनके फॉर्म में नाम का उल्लेख करने में कहीं ‘परिमल नथवानी’ तो कहीं ‘नाथवानी परिमल’ लिखा होना बताया गया है.
परिमल नथवानी के नामांकन पर कांग्रेस के विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने ने आपत्ति जताई थी.
नाम का उल्लेख करने के अलावा संपत्ति तथा व्यापार की जानकारी देने समेत कुछ और मामले में आपत्ति दर्ज करायी गयी थी.
हालांकि मंगलवार को नामांकन को होल्ड किए जाने के बाद परिमल नथवानी अपने वकील के साथ विधानसभा पहुंचे थे. उन्होंने नामांकन पत्र में आपत्ति के हर बिंदु पर अपना जवाब दे दिया था.
बुधवार को सुबह में 11 बजे दोनों पक्षों की सुनवाई करने के बाद निर्चाचन पदाधिकारी ने परिमल नथवानी के पर्चा को वैध ठहराया है.
कांग्रेस की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद बहस करने विधानसभा पहुंचे थे, लेकिन देर हो जाने की वजह से उन्हें नहीं सुना गया. बाद में खुर्शीद ने पत्रकारों से कहा कि एक बजे तक उपस्थित होना था. वे 12.30 बजे पहुंच गए थे. लेकिन सुनवाई में शामिल होने नहीं दिया गया. इसका हमें अफसोस है.
18 को मतदान और अंकगणित
एनडीए में 24 विधायक हैं. जीत के लिए प्रथम वरीयता में 28 वोट की जरूरत होगी.
नथवानी पहले भी दो बार झारखंड से राज्यसभा का चुनाव जीते हैं.
वे सत्ता-विपक्ष दोनों खेमे में अपनी पकड़ रखते हैं. सियासी गलियारे में चर्चा जोरों पर है कि सत्तारूढ़ दलों में वे सेंध लगाने की रणनीतिक बिसात के साथ ही यहां चुनाव लड़ने आए हैं.
शनिवार को वे राज्यसभा चुनाव की गोटी बिछाने रांची आए थे, तो उन्होंने हेमंत सोरेन से भी मुलाकात की थी.
हालांकि इस मुलाकात को उन्होंने चुनाव से अलग बताया था.
उधर सत्तारूढ़ दलों के पास 56 विधायक हैं. बैजनाथ राम जेएमएम के और प्रणव झा कांग्रेस के उम्मीदवार हैं. जेएमएम के पास 34 विधायक हैं और बैजनाथ राम की जीत कंफर्म है.
नथवानी के चुनाव में उतरने से कांग्रेस की चुनौती बढ़ गई है. सरकार में साथ रहने के बाद भी राजद के चार और माले के विधायकों का वोट पाना कांग्रेस के लिए कठिन भी हो सकता है.
हालांकि रविवार की रात मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पर सरकार के सहयोगी दलों के मंत्रियों, विधायकों की रात्रि भोज के बहाने बैठक और चुनाव की रणनीति पर चर्चा के दौरान सोरेन ने सभी से जेएमएम और कांग्रेस के उम्मीदवारों की जीत सुनश्चित करने को कहा है.
