मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री और बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा को दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए टिकट नहीं मिला है.
नरोत्तम मिश्रा को उम्मीदवार नहीं बनाए जाने पर उनके समर्थकों ने दतिया में विरोध प्रदर्शन किया और शनिवार सुबह पुलिस पर भी पथराव किया.
अब इस मामले में कांग्रेस का एक बयान भी सामने आया है, जिसमें राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, “बीजेपी यूज़ एंड थ्रो के सिद्धांत पर चलती है. वह नहीं चाहती कि कोई नेता इतना मज़बूत हो जाए कि आगे चलकर पार्टी के लिए चुनौती बन सके.”
उन्होंने कहा, “नरोत्तम मिश्रा प्रदेश के गृह मंत्री रहे हैं और लंबे समय से बीजेपी से जुड़े हुए हैं. उनकी राजनीतिक हैसियत काफ़ी बढ़ गई थी.”
इस बीच नरोत्तम मिश्रा का बयान भी सामने आया है. उन्होंने पार्टी के निर्णय को मान्य बताते हुए कार्यकर्ताओं से संम रखने और आंदोलन खत्म करने का आग्रह किया है.
उन्होंने एएनआई से कहा, “उपद्रव नहीं करना चाहिए, जहां तक इस्तीफ़े की बात है, हम समझाएंगे और मनाएंगे.”
उपद्रव पर उन्होंने कहा, “मैंने कल भी बात की और आज भी करूंगा और लगातार मेरी बातचीत है और सब मान जाएंगे.”
दतिया से बीजेपी के उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के चुनाव प्रचार के सवाल पर बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा ने कहा, “अगर पार्टी चाहेगी, तो मैं निश्चित रूप से चुनाव प्रचार में शामिल होऊंगा.”
दूसरी ओर, प्रदेश सरकार में मंत्री और बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि पार्टी के अंदर लोकतंत्र है और बीजेपी कार्यकर्ता बहुत अनुशासित हैं.
उन्होंने कहा, “जब हम बैठकर उनसे बात करेंगे तो सब एक साथ आ जाएंगे. मैं अभी कह सकता हूँ कि अशुतोष तिवारी बड़ी जीत दर्ज करेंगे.”
नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों की नाराज़गी के सवालों पर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, “हम उसका ध्यान रखेंगे. यह हमारे लिए बहुत छोटा मामला है. पार्टी सोच-समझकर फ़ैसले करती है और इसी वजह से हम बड़ी जीत हासिल करेंगे.”
उन्होंने कहा, “नरोत्तम जी भी पार्टी के लिए काम करेंगे. मैं आज ही यह कह रहा हूं. वह अच्छे और वरिष्ठ कार्यकर्ता हैं. बहुत लोग चुनाव लड़ने की तैयारी करते हैं. विधानसभा की 230 सीटें हैं और लगभग 2,000 लोग टिकट की उम्मीद कर सकते हैं. लेकिन हर किसी को टिकट नहीं दिया जा सकता.”
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के दतिया उपचुनाव के लिए बीजेपी ने आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार बनाया है.
नरोत्तम मिश्रा दतिया से तीन बार विधायक रह चुके हैं लेकिन बीते विधानसभा चुनाव में वो हार गए थे.
