दशहरा के अवसर पर पंजाबी हिंदू बिरादरी द्वारा रांची के मोराबादी मैदान में रावण दहन का आयोजन किया गया. राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार बतौर मुख्य अतिथि इस कार्य्क्रम में शामिल हुए. इनके अलावा रांची के सांसद और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, विधायक सीपी सिंह और अन्य नेताओं ने विजयादशमी के जश्न में हिस्सा लिया. रावण दहन कार्यक्रम को देखने के लिए मैदान में हजारों लोग जुटे. इससे पहले आकर्षक और मनमोहक आतिशबाजी का प्रदर्शन किया गया.
इस साल पंजाबी हिंदू बिरादरी के तत्वावधान में मोरहाबादी मैदान में 70 फीट ऊंचा रावण, 65 फीट का कुंभकर्ण और 60 फीट ऊंचा मेघनाद का पुतला बनाया गया था. रावण दहन कार्यक्रम के दौरान ‘सोने की लंका’ का दहन भी खास रहा. पुतलों में आग लगते ही मैदान रोशनी से भर गया. आसमान में रंग-बिरंगी रोशनी बिखेरती आतिशबाजी आकर्षण का मुख्य केंद्र रही.
रावण दहन से पहले सांस्कृतिक कार्यक्रम, लेजर शो और आतिशबाजी हुई। हजारों श्रद्धालु दोपहर से ही मैदान में जुटने लगे थे. सांझ ढलते ही पुतला दहन किया गया.
रांची में मोरहाबादी के अलावा एचईसी धुर्वा, अरगोड़ा और टाटीसिलवे में भी रावण दहन कार्यक्रम भव्य तरीके से हुआ।. अरगोड़ा मैदान में रावण (55 फीट), कुंभकर्ण (50 फीट) और मेघनाद (50 फीट) के पुतले जलाए गए. अरगोड़ा मैदान में विजयादशमी (दशहरा) के पावन अवसर पर रावण दहन के लिए तैयार किए गए तीनों पुतले (रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद) पूरी तरह से वॉटरप्रूफ तकनीक से बनाए गए थे.
पूरे शहर में मंगलवार को विजयादशमी की धूम रही. यातायात और सुरक्षा को लेकर पुलिस ने चाक-चौबंद व्यवस्था कर रखी है. मंगलवार को भी बड़ी तादाद में लोग पूजा पंडालों का दर्शन करने निकले हैं.
राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा है “विजयादशमी का पर्व भगवान श्रीराम की ओर से रावण पर विजय प्राप्त करने की स्मृति में मनाया जाता है. रावण दहन के माध्यम से समाज को अहंकार, अन्याय और बुराई का त्याग कर सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश दिया जाता है. मोरहाबादी मैदान में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम ने इसी परंपरा को जीवंत किया. लोगों ने उत्साह और उमंग के साथ पर्व मनाया.”
