रांचीः झारखंड लोक सेवा आयोग की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े मामले में सीआइडी ने एक अहम कार्रवाई के तहत आयोग की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है.
सीआईडी की टीम ने इसी मामले में पोड़ैयाहाट के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज को भी गिरफ्तार किया है. अभय को मंगलवार की देर रात ही हिरासत में लिया गया था.
बताया जाता है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाली कंपनी टीडीपीएल का मार्केटिंग मैनेजर रहते हुए अभय कुमार तिवारी ने जेपीएससी और जेएसएससी की कई परीक्षाओं में सफलता हासिल की थी.
आरोप है कि अभय ने इन नौकरियों में सफलता फर्जीवाड़ा करके हासिल की. इस संबंध में नगड़ी के एसएस शर्मा ने स्थानीय थाने के अलावा ईडी और सीआईडी में शिकायत दर्ज कराई थी.
जांच एजेंसी की तेज होती कार्रवाई से संकेत मिले हैं कि इस मामले में आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं.
सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितता की जांच कर रही सीआइडी की टीम ने जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर यह कार्रवाई की है.
चेयरमैन का इस्तीफा स्वीकार
इस बीच झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और परीक्षाओं का संचालन करने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के विरुद्ध मंगलवार को अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) की छापेमारी के बाद आयोग के चेयरमैन एल ख्यांग्ते के इस्तीफा को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने बुधवार को स्वीकार कर लिया.
प्रशासनिक हलके में माना जा रहा है कि जेपीएससी की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर सरकार के सख्त रुख को देखते हुए चेयरमैन ने अपना इस्तीफा दिया है.
इससे पहले सरकार के निर्देश पर सीआईडी और रांची पुलिस की संयुक्त टीम ने जेपीएससी कार्यालय और संबंधित ठिकानों पर छापेमारी की.
झारखंड के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रहे एल ख्यांग्ते को 27 फरवरी 2025 को झारखंड लोक सेवा आयोग का चेयरमैन नियुक्त किया गया था.
मंगलवार को छापा
सिविल सेवा एवं अन्य परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर मंगलवार को जेपीएससी कार्यालय समेत सात ठिकानों पर सीआईडी ने छापा मारा था. इसमें असिस्टेंट एग्जामिनेशन कंट्रोलर श्वेता गुप्ता , परीक्षा लेने वाली एजेंसी टीडीपीएल के ठिकाने भी शामिल हैं.
कार्रवाई के दौरान श्वेता गुप्ता के अलावा एजेंसी से जुड़े सात लोगों को हिरासत में लिया गया. साथ ही जांच टीम ने एजेंसी के कार्यालय को सील कर दिया है.
टीडीपीएल का पूरा नाम टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड है और यह जेपीएससी से जुड़े परीक्षा कार्यों में शामिल रहती है. एजेंसी के डायरेक्टर सतपाल सिंह और रणवीर सिंह बताये जा रहे हैं.
छापेमारी के दौरान टीम ने पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क, डायरी समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और कागजात बरामद किए हैं. बरामद सामान को जांच टीम ने अपने कब्जे में ले लिया है.
